फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Friday, October 14, 2011
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नेता के सबसे मुंहलगे गुंडे ने इतरा के ये पूछा, साब जी हमको चुनाव का टिकट कब मिलेगा। उन्होंने इनाम कमेटी को बहुत कड़ा खत लिखा, खबरदार जो मे...
मंहगाई पे तो अपन का कोई बस नहीं
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पिटाई के पहले ही उन्होंने इसकी कड़ी निंदा कर दी, कुछ लोगों को यह बात बड़ी नागवार सी गुजरी। सब कहते हैं देश के हालत बहुत खराब हैं, तुम कन्फ़र...
Sunday, October 09, 2011
खत की जगह खाली लिफ़ाफ़ा पहुंचा
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लुटने,पिटने,बरबाद होने के किस्से सुनकर वो बोले, ये बहुत आम बात है , कोई परेशानी हो तो बताओ! मैं आइडिया से बोला- चलो भाई शेर में फ़िट हो,...
ऐसे ही एक पहलवानी भरा इतवार…
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