फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Sunday, November 23, 2014

आपकी आँखो में कुछ महके हुए ख़्वाब हैं

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  "जो वादा किया , वो निभाना पड़ेगा रोके जमाना चाहे,तुमको आना पड़ेगा।" यह कह रहे हैं चाय वाले भाई रेडियो के साथ गुनगुनाते हुए...
Saturday, November 22, 2014

यह यथार्थ से भी परिचय कराता है

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आज पुलिया पर सत्येंदर और रामसत मिले।सत्येंदर पुलिया पर बैठे थे। रामसत पुलिया की आड़ में नीचे शायद निपट रहे थे। बीस साल के सत्ये...

ओ मेरे हमराही मेरी बांह थामे रहना

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  "ओ मेरे हमराही मेरी बांह थामे रहना बदले दुनिया सारी तुम न बदलना।" ये गाना बज रहा है चाय की दूकान पर जहां हम बैठे चाय...
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अनूप शुक्ल
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