फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Friday, November 28, 2014
बिना रौशनी के जिंदगी कैसी
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सुबह उठे तो पता चला चीनी खत्म थी घर में।दउड़ा दिए गए लेने के लिए।बाहर निकले तो सूरज भाई पेड़ की आड़ में मुस्करा रहे थे। चमकते चेहरे से लग र...
Thursday, November 27, 2014
प्लेटफार्म पर मिलने वाली चाय और देश का चरित्र
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"प्लेटफार्म पर मिलने वाली चाय से देश का चरित्र पता चलता है। यह देश कभी सुधर नहीं सकता।" यह बात भीमसेन स्टेशन पर सुबह की चा...
Wednesday, November 26, 2014
सूरज भाई के साथ एक सुबह
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सुबह उठे।अलसाये से लेटे रहे। दरवज्जा खोला तो देखा सूरज भाई पीपल के पेड़ के पीछे से झाँक रहे थे। पीपल के पत्ते जालीदार कुर्ते की तरह पहने।...
Tuesday, November 25, 2014
पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले
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"पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले झूठा ही सही।" यही गाना बज रहा है चाय की दूकान पर अभी।बताओ आज जब दुनिया भर में प्यार की ...
Monday, November 24, 2014
कविता की रजिस्ट्री थोड़ी होती है
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आज सुबह साईकिल नहीं मिली तो पैदल ही टहलते रहे इतै-उतै। सूरज भाई अपने अमले के साथ शान से धरती पर आते दिखे।शुरुआत में थोड़ी सी रौशनी और...
सूरज भाई के साथ सुबह की चाय
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सूरज भाई के साथ सुबह की चाय। नवीन रमण 17 नवंबर को 07:28 पूर्वाह्न बजे · नापसंद · 1 Pandey Rekha Gud mornin...
Sunday, November 23, 2014
आपकी आँखो में कुछ महके हुए ख़्वाब हैं
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"जो वादा किया , वो निभाना पड़ेगा रोके जमाना चाहे,तुमको आना पड़ेगा।" यह कह रहे हैं चाय वाले भाई रेडियो के साथ गुनगुनाते हुए...
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