फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Wednesday, March 09, 2016

वन्दना के इन स्वरों में, एक स्वर मेरा मिला लो

›
सूरज की अगवानी को तैयार तालाब आज सुबह जब साईकल स्टार्ट किये तो सुबह अभी हुई नहीं थी। अँधेरा पूरी तरह छंटा नहीं था। पेड़ चुपचाप खड़े थे। ...
Saturday, March 05, 2016

भारत में पहले पानी की नदियां बहतीं थीं

›
सूरज भाई का जलवा झील पर पसरा है आज सुबह निकले तो सड़क धुली-धुली लग रही थी। बादलों के पास जो पानी बचा रहा होगा वह फ़ेंककर चलते बने होंग...
Thursday, March 03, 2016

बच्चे मन के अच्छे

›
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10207441383966242&set=a.3154374571759.141820.1037033614&type=3&theater
Wednesday, March 02, 2016

बस चले तो साईकल को कम्पलसरी सवारी कर दें

›
सूरज भाई पेड़ों के पीछे से उजाले की सप्लाई कर रहे हैं सुबह आलस हमेशा लफ़ड़ा करता है। पचास बहाने बताता है न निकलने के लिए। अक्सर झांसे में...
1 comment:
Tuesday, March 01, 2016

आगे बढ़ते जाना ही जिन्दगी है

›
सूरज भाई  झील के पानी पर  अपना अंगौछा धर दिए आज सुबह मेस से निकलते ही बाहर दो महिलायें तेज चाल से जाती हुई दिखीं...

याददाश्त बढ़ाने का तरीका

›
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10207427094009002&set=a.3154374571759.141820.1037033614&type=3&theater
Monday, February 29, 2016

ये लो पेश हुआ बजट

›
ये लो पेश हुआ बजट एक बवाल गया निपट अब चलो तुम करो बुराई औ तुम तारीफ़ फटाफट। बोलो बजट बड़ा झकास है विकास के लिए नई आस है इसमें ...
Sunday, February 28, 2016

इतवार की एक खुशनुमा सुबह

›
रामफल की पत्नी आज सुबह निकले तो कुछ कम लोग दिखे सड़क पर। शायद ’सुबह-टहलुये’ भी इतवारी मूड में रहे हों। फ़ैक्ट्री के सामने की चाय की दुक...
Saturday, February 27, 2016

बीड़ी जानलेवा है

›
पोल के बीच सर घुसाये सूरज भाई आज सुबह उठने के पहले ही हनुमान मंदिर से घंटे की आवाज सुनाई देने लगी। याद आया आज शनिवार है। भीड़ रहेगी मं...

तम्बाकू नहीं खायेगें अब

›
मयूर (दांये) सोनू के साथ पुलिया पर कल दोपहर को लंच के लिये मेस आते हुये पुलिया पर दो लोग बैठे दिखाई दिये। साइकिल उनकी सामने खड़ी थी...
Friday, February 26, 2016

दिल में किसी का प्यार बसाना अच्छा है

›
समीर यादव स्कूल जाते हुए आज सुबह साईकल स्टार्ट की और निकल ही पड़े। मेस के बाहर लोग लपकते हुए टहल रहे थे। जितनी तेजी से लोग जाते दिख रह...
Wednesday, February 24, 2016

आँखों की भाषाएँ तो अनगिन हैं

›
जबलपुर स्टेशन के बाहर चाय की दुकान आज सुबह बाहर बरामदे में खड़े होकर चाय पी रहे हैं। कप धर लिया है रेलिंग पर और सुड़कते जा रहे हैं चाय। ...

अच्छे लोगों की कमी नहीं है दुनिया में

›
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10207387365855823&set=a.3154374571759.141820.1037033614&type=3&theater
Tuesday, February 23, 2016

हमको मिटा सके, ये जमाने में दम में नहीं

›
सूरज की अगवानी में क्षितिज पर बिछी लाल कालीन सबेरे नींद खुली। खिड़की से देखा कि क्षितिज ने सूरज की अगवानी के लिए लाल कालीन सी बिछा रखी...
Monday, February 22, 2016

बीड़ी से सौहार्द बढ़ता है

›
  पटरी भी सलामत है और ट्रेन भी पधार रही है। कानपुर है कौनौ मजाक थोड़ी कि कोई ट्रेन को रोक दे।  https://www.facebook.com/photo.php?fbid...

अपना तो यह रोज का किस्सा है

›
गोविन्दपुरी रेलवे स्टेशन कल सुबह जब नींद खुली तो ट्रेन की खिड़की से बाहर झाँका। सूरज भाई आसमान के माथे पर टिकुली स...
Saturday, February 20, 2016

देशप्रेम और देशद्रोह का हल्ला

›
पिछले दिनों मीडिया में देशप्रेम और देशद्रोह का जबर हल्ला मचा रहा। इसके पहले कुछ दिन तक सहिष्णुता और असहिष्णुता का जबाबी कीर्तन हुआ। जब ...
‹
›
Home
View web version

योगदानकर्ता

My photo
अनूप शुक्ल
View my complete profile
Powered by Blogger.