फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Sunday, October 02, 2016

गांधी जी की अहिंसा

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आज दो अक्टूबर है। गांधीजी का जन्मदिन। जित्ती खुशी उससे ज्यादा गम है कि इस बार इतवार को पड़ा दो अक्टूबर। एक छुट्टी मार...
Friday, September 30, 2016

लिखाइयां-पढाइयां करते हुये आलोक पुराणिक पचास के हुये

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व्यंग्य के मैदान पर शानदार बैटिंग करते हुये घड़ी की सुई को थोड़ा आगे की तरफ़ बढाया । उमर की पिच पर टहलते हुये एक रन लिया और अपने जीव...

लिखाइयां-पढाइयां करते हुये आलोक पुराणिक पचास के हुये

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व्यंग्य के मैदान पर शानदार बैटिंग करते हुये घड़ी की सुई को थोड़ा आगे की तरफ़ बढाया । उमर की पिच पर टहलते हुये एक रन लिया और अपने ...
Thursday, September 29, 2016

स्पीड तो बहुत तेज है नेट की गुरु लेकिन

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स्पीड तो बहुत तेज है नेट की गुरु लेकिन खाक हो ही जाते हैं , खबर पहुँचते पहुँचते। शरीफ तो हमको समझता है, पुलिस वाला भी दो-चार तो जमा ...

दो-चार तो जमा ही देता है, समझते-समझते

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स्पीड तो बहुत तेज है नेट की गुरु लेकिन खाक हो ही जाते हैं , खबर पहुँचते पहुँचते। शरीफ तो हमको समझता है, पुलिस वाला भी दो-चार तो जमा ही ...
Wednesday, September 28, 2016

बताओ तो कैसी लग रही हूं

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जितने बजे सोचा था उससे बस पांच मिनट देर हो गयी कल निकलने में। बस निकलते ही देरी हो जाने का ख्याल बेताल की तरह सवारी गांठ लिया। हम लाख...

पाकिस्तान बहुत गड़बड़ कर रहा है

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जितने बजे सोचा था उससे बस पांच मिनट देर हो गयी कल निकलने में। बस निकलते ही देरी हो जाने का ख्याल बेताल की तरह सवारी गांठ लिया। ...
Tuesday, September 27, 2016

कहो तो आज पाकिस्तान को निपटा आएं

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कहो तो आज पाकिस्तान को निपटा आएं, लेते जाएँ कुंजी सबक ठीक से सिखा आएं। जाओ अगर तो साथ में झोला लेते जाना, सब्जी मिल रही हो बढ़िया तो ल...
Sunday, September 25, 2016

मोबाइल

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(व्यंग्य की जुगलबंदी के तहत यह पहली पोस्ट। बाकी की पोस्टस देखने के लिये साथी Nirmal Gupta , एम.एम. चन्द्रा और Ravi Ratlami के पास पहुं...
Thursday, September 22, 2016

धर्मस्थल बहुत बड़े स्पीड ब्रेकर हैं

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आज सबेरे घर से निकले तो घर के बाहर सड़क पर एक कुत्ता हमारी तरफ़ अपना पिछवाड़ा किये खड़ा दिखा। उसका खड़े होने अंदाज कुछ ऐसा था जैसे अ...
Wednesday, September 21, 2016

व्यंग्य के बहाने-3

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आज अरविन्द तिवारी जी ने लिखा: "हमें तेरा व्यंग्य दिखता है तुझे मेरा नहीं ।तेरा छपना छपना है मेरा छपना फ़र्ज़ी है।बेट्टा जिस दिन दि...
Tuesday, September 20, 2016

इतवार को वृद्धाश्रम

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इतवार को वृद्धाश्रम जाने और घोष जी से मिलने का किस्सा बयान किया कल हमने। हम घोष जी के अलावा और भी कई लोगों से मिले वहां। उनके बहाने वृद्ध...
Monday, September 19, 2016

दिलीप घोष से मुलाकात

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https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10209123242291649 आज इतवार की छुट्टी थी। दिलीप घोष जी को फ़ोन किया यह पता करने के लिये कि ...
Sunday, September 18, 2016

किताबें छपने के लिये तैयार

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आज इतवार है। इतवार मतलब एत्तवार। घुमा के एतबार मने भरोसा करेंगे तो कोई रोकेगा तो नहीं न ! दो दिन पहले जन्मदिन के मौके पर आई शुभकामनाओं ...
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