फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Wednesday, June 06, 2018
नदी की कहानी कभी फ़िर सुनाना
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राजा संग अनूप इतवार को घूमकर लौटने के बाद मन किया गंगा नहाने का। घर से एक किलोमीटर दूर है। लेकिन नहाये नहीं अभी तक। दर्शन करके लौटते र...
Tuesday, June 05, 2018
उप्पर गोरी का मकान
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इतवार को चमनगंज की तरफ गए। सड़क पर साइकिलियाने के बाद एक गली में घुस गए। कार से होते तो सीधे निकल जाते। सड़क और गली में 'भीड़ भरा सन्नाट...
Monday, June 04, 2018
बड़ी मस्त है
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सड़क पर हजामत और कान का मैल निकलवाते लोग कल घण्टाघर चौराहे से होते हुए पंकज बाजपेयी के ठीहे पर पहुंचे। घण्टा घर के आगे सड़क किनारे कनमैल...
Friday, June 01, 2018
मैं तुम्हें बांच लूं तुम मुझे बांचना
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सुबह शुक्लागंज की तरफ निकले। अधबने पुल के पास आगे जाते आदमी की पिछली जेब दिखी। जेब का मुंह खुला था। अंदर से रुमाल टाइप कपड़ा झांक रहा था।...
Thursday, May 31, 2018
सावधान कार्य प्रगति पर है
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गन्ने का रस पीने का नबाबी अंदाज। निरीह जनता की तरह खड़ा घोड़ा सुबह निकले। निकलते ही खुदी सड़क दिखी। आदमी की गहराई के बराबर खुदी सड़क के म...
Tuesday, May 29, 2018
तुम तो ठहरे परदेशी
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राधा बीड़ी का सुट्टा सुलगाते हुए सबेरे टहलने निकले। नुक्कड़ पर पंक्चर वाला अपनी दुकान सजा रहा था। किसी प्रदेश में पंचर शिक्षा स्कूलों ...
Sunday, May 27, 2018
ज्ञान चतुर्वेदी और राहुल से हुई लंबी बातचीत के चुनिंदा अंश
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ज्ञान जी और राहुल देव की लंबी बातचीत ’साक्षी है संवाद’ के रूप में पिछले दिनों आई। इस किताब के बारे में विस्तार से पिछली पोस्ट में लिखा ग...
ईमानदारी और एक निर्मल हृदय एक सफ़ल व्यंग्यकार के लिये आवश्यक योग्यता है-- ज्ञान चतुर्वेदी
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“एक सफ़ल व्यंग्यकार बनने की आवश्यक योग्यता है ईमानदारी और एक निर्मल हृदय। जैसे ही आप तिकड़म में जाते हैं, आप व्यंग्य से बाहर हो जाते हैं। ...
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