फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Monday, October 15, 2018

नानी से मुलाकात

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नानी के साथ कमलेश पाण्डेय, आलोक पुराणिक और अनूप शुक्ल  —  Kamlesh Pandey  के साथ. सबेरे कमरे से निकलते ही ओला खरीद लिए। ठहराव स्थल स...
Saturday, October 13, 2018

शान्तिलाल जैन और मार्जिन में पिटता आदमी

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"मार्जिन में रहना, मार्जिन में रखना, मार्जिन से डरना और मार्जिन में पिटना हमारी मजबूरी है।" -शान्तिलाल जैन शान्तिलाल जैन ...
Thursday, October 11, 2018

आपका क्या होगा जनाबे अली

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तीन मीटर दूरी पर रखे रेडियो पर यह गाना बज रहा है। बार बार कह रहा है -'आप का क्या होगा जनाबे अली।' जैसे हमी से सवाल कर रहा हो। मन ...
19 comments:
Friday, September 28, 2018

मुस्कान पर कोई टैक्स नहीं लगता

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साथ साथ मूंगफली पछोरते मियां बीबी कल सबेरे पुल सालों से ’निर्माणाधीन पुल’ के बगल से गुजरते हुये निकले। पुल की दीवारें खेत की मेड़ सरीख...
Tuesday, September 25, 2018

झूठ बोलने का मन

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आज थोड़ा झूठ लिखने का मन हुआ। एक से बढ़कर एक झूठ हल्ला मचाने लगे- 'हम पर लिखो, हम पर कहो।' हमने सब झूठ को हड़काते हुए कहा -'अनु...
Monday, September 24, 2018

नकली असली से ज्यादा चमकता है

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सूरज भाई बहुत दिन बाद दिखे आज सूरज भाई बहुत दिन बाद दिखे आज। आसमान कि छत पर खुपड़िया का जरा सा हिस्सा दिखा पहले। शायद थाह ले रहे हों ...
Tuesday, September 11, 2018

हम सो गए हैं बड़ी देर से, नींद बड़ी गहरी है

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हम सो गए हैं बड़ी देर से, नींद बड़ी गहरी है, खबरदार, जो गुडनाइट के बहाने जगाया तो। मिला था पेट्रोल मुझे, मुख्तसर से सपने में, डपट दिया - ल...
Thursday, September 06, 2018

आंखों में रंगीन नजारे, सपने बड़े-बड़े

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राजोल से बचकर रहना कहने के मुस्कराहट बिखेरते पंकज बाजपेयी बहुत दिन से गंगा दर्शन नहीं हुये थे। मन किया देखा जाये। निकल लिये। पैदल। प...
Friday, August 31, 2018

’सूरज की मिस्ड कॉल’ को सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय पुरस्कार

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सूरज की मिस्ड कॉल आज शाम को हम दफ़्तर से घर के लिये निकलने वाले थे कि हमारे हमनाम  Anoop Mani Tripathi  का संदेशा व्हाट्सएप पर मिला। ...
Thursday, August 30, 2018

स्टेटस लिंचिंग

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साइकिल की फोटो बड़े बेटे ने भेजी। अमेरिका से। इससे वह दफ्तर जाता है आजकल।   दस स्टेटस लिखने की सोची सुबह से। सब अपलोड होने के पहले ...
Thursday, August 16, 2018

नानक दुखिया सब संसार

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पेड़ से अलग हुआ पेड़ धूप में आराम करता हुआ कल झंडा फहराते हुए घर लौटे। रास्ते में एक पेड़ दिखा। धूप में आराम सा करता हुआ। उसकी भी छुट्टी ...
Sunday, August 12, 2018

संपन्न होते देश की बढ़ती गरीबी

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फुटपाथ पर देश का बचपन सबेरे सड़क दर्शन को निकले। सड़क पर एक कुत्ता टहलता दिखा। टहलता कम घिसटता ज्यादा। आगे के दो पैर इंजन की तरह चलते। प...
Sunday, August 05, 2018

मित्रता दिवस पर मित्र से मुलाकात

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हैप्पी फ़्रेण्डशिप दिन - पंकज बाजपेयी आज इतवार का दिन ! मित्रता दिवस साथ में। मतलब सोने में सुहागा! कुछ लोगों के लिए यही करेला ऊपर से न...
Monday, July 30, 2018

मांगने वाले नखरे के अधिकारी नहीं रह जाते

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मांगने वाले लाइन से बैठे हैं कल सबेरे निकले टहलने। अगले पहिये में हवा कुछ कम थी। लेकिन चल चकाचक रही थी। जरा भी नखरे नहीं। हमारी साइकिल...
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