फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Sunday, June 23, 2019

व्यंग्य की महापंचायत होने के पहले की चकल्लस

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आज सुबह दिल्ली आना हुआ । सड़कों से यात्री हालिया व्यंग्य में सरोकार की तरह गायब। जिधर देखो उधर सड़क व्यंग्य में सपाटबयानी की फैली दिखी। इस ...
Sunday, June 16, 2019

और जीवन बीत गया

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  इतना कुछ था दुनिया में लड़ने - झगड़ने को पर ऐसा मन मिला कि जरा - से प्यार में डूबा रहा और जीवन बीत गया ....। - कुंवर नारायण https://www.f...
Saturday, June 15, 2019

लेडीस पान शाप

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  समय रात के बारह बजने में कुछ मिनट कम।रात और अंधेरे के चलते बाकी दुकानें बन्द हो चुकी थीं। केवल एक दुकान खुली थी -'लेडीस पान शाप'।...
Thursday, June 06, 2019

लेखकों को अपने विषय में बहुत भ्रम होता है

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  अपना दैनिक कॉलम प्रतिदिन की शुरुआत करते हुई शरद जोशी जी ने लिखा था : "लेखकों को अपने विषय में बहुत भ्रम होता है।" "इस तरह क...
Friday, May 31, 2019

गद्य लिखना ज्यादा कठिन है- खुशवंत सिंह

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  आज छुट्टी के दिन पिछले कई दिनों से बाँची जा रही खुशवंत सिंह की किताब 'सच प्यार और थोड़ी सी शरारत' पूरी हुई। किताब में लेखन से...
Monday, May 27, 2019

ज्ञान चतुर्वेदी और राहुल से हुई लंबी बातचीत के चुनिंदा अंश

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ज्ञान जी और राहुल देव की लंबी बातचीत ’साक्षी है संवाद’ के रूप में पिछले दिनों आई। इस किताब के बारे में विस्तार से पिछली पोस्ट में लिखा गया ह...

ईमानदारी और एक निर्मल हृदय एक सफ़ल व्यंग्यकार के लिये आवश्यक योग्यता है-- ज्ञान चतुर्वेदी

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“एक सफ़ल व्यंग्यकार बनने की आवश्यक योग्यता है ईमानदारी और एक निर्मल हृदय। जैसे ही आप तिकड़म में जाते हैं, आप व्यंग्य से बाहर हो जाते हैं। मेरा...
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