फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Friday, October 09, 2020
परसाई के पंच-65
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1. न्याय देवता है। हर देवता भेंट लेता है। अगर भक्त से सीधे भेंट ले तो कोई बात नहीं, पर हर देवता का एक मध्यस्थ होता है- ’मिडिलमैन से कहीं छ...
Wednesday, October 07, 2020
परसाई के पंच-63
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1. पहले देवता आदमी बनकर ठगते थे, अब आदमी देवता बनकर ठगते हैं। 2. हर सत्य के हाथ में झूठ का प्रमाणपत्र है। ईमान के पास बेईमानी की सिफ़ारिशी ...
Tuesday, October 06, 2020
परसाई के पंच-62
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1. आसपास से गंवार सम्पन्नता जब तमाचे जड़ रही हो, तब उचटकर तमाचा जड़ने को जी चाहता है। पर उसकी अपेक्षा यह ज्यादा सम्मानपूर्ण लगता है कि तमाचा...
Monday, October 05, 2020
युवा दिखने की ललक
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कल घर पहुंचने के पहले थोड़ा इधर-उधर भी घूमे। 'कामसासू काम्प्लेक्स' की तरफ भी गए। इतवार के बावजूद कुछ दुकाने सज गयीं थीं। एक ठेले पर...
Sunday, October 04, 2020
परसाई के पंच-94
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1. पति पत्नी द्वारा प्रताड़ित होते हैं, तनखा को लेकर। कम तनखा लेने वाले पति पत्नी द्वारा जब-तब प्रताड़ित किये जाते हैं। जो पति वेतन के दिन क...
परसाई के पंच-61
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1. अजब चस्का होता है दुख का ! फ़ोड़ा बड़ा दर्द होता है। पर फ़ोड़े को दबाकर, छेड़कर भी तो दर्द का मजा लेते हैं। इसे ’मीठा दर्द’ कहते हैं। कहते है...
कोरोना काल में साइकिलबाजी
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आज बहुत दिन बाद साइकिलबाजी हुई। घर से निकलकर आईबी होते हुए स्टेशन की तरफ जहां तक सड़क दिखी वहां तक गए। सड़क खत्म होने के बाद रेल लाइन शुरू ह...
Saturday, October 03, 2020
परसाई के पंच-60
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1. हत्या के अपराध में जो राज्य अपराधी को प्राणदण्ड देता है, वही युद्ध में लाखों मनुष्यों को मरवा डालता है। 2. जनवरी में हर समझदार आदमी कैल...
परसाई के पंच-59
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1. बड़ी मुसीबत है व्यंग्यकार की। वह अपने पैसे मांगे, तो भी उसे भी व्यंग्य-विनोद में शामिल कर लिया जाता है। 2. तरह-तरह के संघर्ष में तरह-तरह क...
परसाई के पंच-58
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1. निन्दा में अगर उत्साह न दिखाओ, तो करने वालों को जूता-सा लगता है। 2. कुछ मैंने ऐसे देखे हैं, जो होश में मानवीय हो ही नहीं सकते। मानवीयता...
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