फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Monday, December 16, 2024

लावारिस चाय वाला

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  न बीबी रहेगी न बेटा रहेगा, अकेला कफ़न में लपेटा रहेगा न दौलत रहेगी , न शोहरत रहेगी दो गज जमीं पे लेटा रहेगा । https://www.facebook.com/sha...
Wednesday, December 11, 2024

पुस्तक प्रकाशन की पार्टी

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  पुस्तक प्रकाशन की पार्टी की पार्टी में कौन सा अलंकार है पूछेंगे तो कई मित्र कहँगे, ये क्या मज़ाक़ है? ये तो किसी अनपढ़ को भी पता है कि इस...
Monday, December 09, 2024

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 पिछले हफ़्ते फूलबाग की तरफ़ जाना हुआ। दोपहर का समय। जाम जैसा तो नहीं लगा लेकिन चौराह किसी व्यस्त कामकाजी इंसान जैसा लगा। हर चेहरा बिजी बिजी...
Saturday, December 07, 2024

बेवक़ूफ़ी का सफ़र का प्रकाशन

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  कल हमने अपनी नई किताब ‘बेवक़ूफ़ी का सफ़र’ के प्रकाशन की ख़बर दी थी। सौ से ऊपर मित्रों ने बधाई, शुभकामनाएँ भेजीं। सभी का धन्यवाद, आभार। आज ...
Friday, December 06, 2024

बेवकूफ़ी का सफ़र

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  पिछले महीने एक पोस्ट में अपनी किताबों को छपाने की योजना के बारे में लिखा था। उनमें से एक ट्रेन और हवाई यात्राओं के संस्मरण के बारे में थी...
Wednesday, December 04, 2024

नदी के मुँह से निकलती भाप

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 पिछले हफ़्ते शाहजहाँपुर गए। चार दिन रहे। मित्रों से मेल मुलाक़ात हुई। कुछ लोगों से मिलना रह गया। शहर में इधर-उधर आने जाने के दौरान देखा कि ...
Sunday, December 01, 2024

किनारे पे न चलो, किनारा टूट जाएगा

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पिछले दिनों कानपुर का 150 साल पुराना गंगापुल टूट गया। इस पुल पर से कई बार गुजरे हैं। अनेक यादें जुड़ी हैं। पुल गिरने की खबर मिलने पर देखने ग...
Saturday, November 30, 2024

धनिया के पैसे नहीं लेंगे, जाओ मौज करो

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  शाम को सब्ज़ी लेने गए बाज़ार। गुमटी में कुछ काम था तो सोचा सब्ज़ी भी वहीं से ले लेंगे। रास्ते में सोचा सब्ज़ी विजय नगर से ही ले लें, बाक़ी...
Friday, November 29, 2024

नीचे बहती गंगा मैया , ऊपर चले रेल का पहिया

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कानपुर कनकैया , जंह पर बना घाट सरसैया ----------------------------------- पिछले दिनों कानपुर को शुक्लागंज से जोड़ने वाला गंगापुल का एक हिस्स...
Monday, November 25, 2024

यहाँ सुकून से हैं

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  सुबह चाय की तलाश में निकले। सड़क पर आवाजाही शुरू नहीं हुई थी। लोग घरों और घर के बाहर की दुकानों के बाहर झाड़ू लगाते और कनखियों से सड़क की ...
Wednesday, November 20, 2024

फेसबुक के पाठक

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  फ़ेसबुक पर कुल क़रीब 3 अरब मतलब 300 करोड़ लोगों के खाते हैं। इनमें क़रीब 38 करोड़ भारत के लोग हैं। इनमें कितने लोग रोज़ फ़ेसबुक देखते , पढ...
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