फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Saturday, March 22, 2025
गरीब आदमी की मरन है
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कल शहर से घर आते हुए एक लड़का घोड़े पर बैठकर जाता दिखा। घोड़े की ऊँचाई कम थी। शायद खच्चर रहा हो। कह नहीं सकता। आजकल आदमी के बारे भी इत्मिन...
Thursday, March 20, 2025
मदु गंगा नदी में पुल के नीचे और मैंग्रोव के बीच बोटिंग
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श्रीलंका घूमने के दौरान जहां-जहां घूमने जाते थे वहाँ की प्रमुख बातें व्हाटसएप पर खुद को मेसेज करके सेव कर लेते थे। बाद में तसल्ली से मेसेज...
Wednesday, March 19, 2025
आदमी एक बार प्रोफ़ेसर हो जाये तो जिन्दगी भर प्रोफ़ेसर ही रहता है
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मरियमपुर अस्पताल के सामने मट्ठा, ब्रेड (बेड लिखा है ठेलिया में ) मक्खन, पाव की ठेलिया के नीचे प्रो. राम किशोर सक्सेना लिख देखकर हमें याद आ...
एक ख़त जो किसी ने लिखा भी नहीं
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एक ख़त जो किसी ने लिखा भी नहीं उम्र भर आँसुओं ने उसे ही पढ़ा । गंध डूबा हुआ एक मीठा सपन कर गया प्रार्थना के समय आचमन जब कभी गुनगुनाने लगे ...
Tuesday, March 18, 2025
रेशमी कंगूरों पर नर्म धूप सोयी
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रेशमी कंगूरों पर नर्म धूप सोयी, मौसम ने नस-नस में नागफनी बोयी। दोषों के खाते में कैसे लिख डालें ग़र अंगारे याचक बन पाँखरियाँ माँग गए। कच्चे ...
Monday, March 17, 2025
लड़कन के बीच रहत हन हम
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कल दोपहर शहर जाना हुआ। सैंट्रो सुंदरी निकाली। झाड़-पोंछ कर निकल लिए। अस्पताल के पास कुछ बच्चे मोबाइल को झाड़ू की तरह की स्टिक में फँसाए फोट...
Sunday, March 16, 2025
पंडित भया न कोय -एक पाठकीय प्रतिक्रिया
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पिछले दिनों ज्ञान चतुर्वेदी जी के नए उपन्यास 'एक तानाशाह की प्रेम कथा' पढ़ते हुए इसके पढ़ने की सूचना फ़ेसबुक पर लगाई तो अलंकार रस्...
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