Thursday, August 14, 2025

कुत्ता नहलाने की गाड़ी


 कल सुबह कालोनी में एक गाड़ी खड़ी देखी। गाड़ी पर तरह -तरह के पोज में कुत्तों के फ़ोटो बने थे। ड्राइवर से पता किया तो मालूम हुआ कि कुत्ता नहलाने का इंतजाम है। गाड़ी में मोबाइल नंबर और साइट का पता दिया था। flyingfur नाम की कंपनी पालतू कुत्तों की देखभाल करती है। अभी यह कंपनी दिल्ली, गुड़गांव, नोयडा, फरीदाबाद, चंडीगढ़ और मुंबई में सेवाएं देती है। और भी कंपनियाँ होंगी इस तरह के काम के लिए।

कुत्ता नहलाने के लिए भी कोई गाड़ी आती है यह पहली बार पता चला। ड्राइवर ने बताया कि कालोनी में पाँच-सात घर हैं जहाँ के लोग फ़ोन करके बुकिंग करते हैं। गाड़ी अगले दिन आती है। कुत्तो को नहलाती है। गाड़ी के पीछे अलग-अलग कंटेनर में कुत्तों को नहलाने का इंतजाम दिखा।
कुत्तो को नहलाने का दाम उनके आकार पर निर्भर करता है। छोटे कुत्ते के 1300 रुपए, बड़े कुत्ते के 1800 रुपए पड़ते हैं। कुत्तो को गर्मी में 15 दिन में और जाड़े में 20-25 दिन में नहलाया जाता है।
ड्राइवर ने बताया कि शहर में अलग-अलग कालोनियों में बुकिंग रहती है। कल भी कई जगह बुकिंग थी।
हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तो को शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया है। इस आदेश के अनुपालन में क्या पता आगे कुत्तों के रख-रखाव के लिए बजट एलॉट किया जाए। उनके नहलाने-धुलाने की व्यवस्था की जाए। कुछ गाड़ियाँ ख़रीदीं जायें। टेंडर हों। घपले-घोटाले हों।
आगे व्यवस्था जारी रहने पर शायद कोई 'कुत्ता संसाधन मंत्रालय' बने उसका मंत्री बने। 'कुत्ता संसाधन मंत्रालय' और 'मानव संसाधन मंत्रालय' के बजट में कंप्टीशन हो।
कुत्तों के रखरखाव में अदालत की दिलचस्पी देखकर क्या पता आदमी भी सोचने लगे -" चलो हम भी आवारा हो जाते हैं। क्या पता अदालत हमारे लिए भी कोई आदेश निकाल दे।"

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