फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Tuesday, August 16, 2016

ज्यादा पढ़ने-लिखने से दिमाग खराब हो जाता है।

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रोज फ़ैक्ट्री जाते समय अनवरगंज के पास डिवाइडर पर बैठे इनको देखते थे। बैठकी मुद्रा से लगता था कि शायद पूजा कर रहे हैं बैठे हुये। समय पर ...
Sunday, August 14, 2016

देश सेवा का बहुत काम पड़ा है

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कल सुबह उठने के बाद दरवज्जा खोलने लगे तो देखा सिटकनी के पास एक चीटा ऊपर की तरफ़ चला जा रहा था। चीटे के पंख भी निकले हुये थे। बरस...
Thursday, August 11, 2016

तुलसी जयन्ती के बहाने

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कल विजय नगर चौराहे से आगे बढे तो बताया ही कि 100 नंबर वाली जीप पर ड्राइवर अकेले बैठा था। उसके सिपाही अगल-बगल टहल रहे थे। मार्निंग वाक करत...
Wednesday, August 10, 2016

चेहरे पर संतई

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आज भी जल्ली ही निकल लिये। जल्ली मल्लब बहुत जल्दी। सबेरे मोतीझील में ’मानस संगम संस्था’ द्वारा आयोजित तुलसी जयन्ती समारोह में भाग लेना था। ...
Tuesday, August 09, 2016

आपको चिंता करने की जरूरत नई है

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सबेरे भगे चले आ रहे थे फ़ैक्ट्री की तरफ़। आज हालांकि रोज के मुकाब ले जल्दी ही थे। लेकिन कानपुर में और शहरों की तरह जाम और लफ़डे क...
Saturday, August 06, 2016

दुनिया के कवि कितने मासूम होते हैं

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चांद ने ठोंक दिया है मुकदमा कापीराइट एक्ट के तहत अदालत में! दुनिया में जिन-जिन लोगों ने अपनी प्रेमिकाओं के मुखड़े चांद जैसे बताये ह...
Friday, August 05, 2016

औरत का सुरक्षित जिन्दा रहना भी आज के समय की अहम चुनौती है

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कल घर से दुकान जाने के लिये निकले आठ बजकर दस मिनट पर! मने रोज से करीब दस मिनट लेट। आज लेट हो गये, सोचते ही एक्सिलेटर पर पड़ा। गा...
Wednesday, August 03, 2016

पानी को गुदगुदी

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कल झाँसी जाना हुआ। बच्चा लंबी छुट्टी के बाद वापस लौट रहा था। उसको भेजने के लिए। सड़क के रास्ते गए। सड़क के दोनों तरफ खेत-मैदान 'पानी पट...
Monday, August 01, 2016

फ़ैशन अपने में भेड़चाल है

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घर लौट रहे थे दफ़्तर से कल। फ़टफ़टिया फ़र्राटे से चलाते हुये। टाट मिल चौराहे तक तो मामला चौकस रहा। लेकिन आगे झकरकटी पुल पर ’थम’ हो गया। जाम ...
2 comments:

जाम सुषमा

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घर लौट रहे थे दफ़्तर से कल। फ़टफ़टिया फ़र्राटे से चलाते हुये। टाट मिल चौराहे तक तो मामला चौकस रहा। लेकिन  आगे झकरकटी पुल पर ’थम’ हो गया। जाम ल...
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