फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Wednesday, May 31, 2017
मानहानि
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आजकल मानहानि का दौर चल रहा है। बेइज्जतियों की मारकाट मची हुई है। जिसे देखो वही लपका जा रहा है अदालत की तरफ़। मानहानि का दावा पेश करने के लि...
Friday, May 26, 2017
जंतर-मंतर पर घंटा भर
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सबेरे टहलने निकले। जंतर-मंतर ठहरने की जगह के पास ही है। सामने वेधशाला। बगल में जंतर-मंतर रोड़ पर धरना-प्रदर्शन की जगह। वेधशाला बगल में हो...
Wednesday, May 24, 2017
फ़ुटपाथ, सड़क के किनारे आम आदमी के रैन बसेरे हैं
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आज सबेरे सूरज भाई राजा बेटा की तरह आसमान पर बिराजे हुये थे। साहब लोगों के राउंड के समय स्टॉफ़ मुंडी फ़ाइल में घुसा देते हैं। उसी तरह एकद...
Monday, May 22, 2017
जरा मुस्कराइये तो सही खूबसूरत लगेगा
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आज सबेरे ही निकल लिये। साइकिल पहली ही ’किक’ में स्टार्ट हो गयी। खरामा-खरामा चली पहले। फ़िर सरपट। हिन्दी में कहें तो पहले ’राग विलम्बित’ म...
Sunday, May 21, 2017
बाद में लाइफ़ झिंगालाला
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बड़ा बवाल है इधर-उधर, जिधर देखो लफ़ड़ा उधर। हर खबर में घुसा घपला,घोटाला, फिर बाद में लाइफ़ झिंगालाला। वो सिर्फ़ खबरें बुरी दिखाता है, खुशी...
बालक का लपककर खुद हवा भरना बालश्रम की श्रेणी में आएगा कि नहीं
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साइकिल आ गई जबलपुर से। हवा पिछले पहिये में कुछ कम लगी। भरवाने निकले तो कई जगह हवा भरने की दुकाने बंद मिलीं। लौटने ही वाले थे ...
Monday, May 15, 2017
टेलीफ़ोन
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टेलीफ़ोन से पहली मुलाकात अपन की किताबों में ही हुई। सामान्य ज्ञान के तहत पता चला कि ग्राहम बेल ने खोज की इसकी। प्रयोग के पहले सिनेमा में दे...
Tuesday, May 09, 2017
दिल्ली में साइकिलबाजी
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आज सबेरे बहुत दिन बाद साइकिल चलाई। दिल्ली में। जंतर-मंतर के सामने धरना दे रहे एक भाई बोले- ’ दिल्ली देश का दिल है। कलाट प्लेस दिल्ली का ...
व्यंग्यकारों के संग दिल्ली में
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आज सुबह जैसे ही दिल्ली का रोजनामचा पोस्ट किया वैसे ही रमेश तिवारी ने धर लिया। मिलो वरना धरने पर बैठ जाएंगे। हम इसी डर के मारे कल दिल्ली ...
Sunday, May 07, 2017
बस मुस्कराते रहें
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अक्सर इधर-उधर पढ़ने को मिल जाता है- मुस्कराते रहें। मुस्कराते रहें मतलब कीप स्माइलिंग। वैसे भी मुस्कराते हुये लोग कित्ते खूबसूरत लगते...
कड़ी निंदा
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’कड़ी निंदा’ टाइप करते ही परसाई जी का ’निंदा रस’ याद आ गया। ’निंदा रस’ को जमाकर कड़ा कर दिया जाये तो ’कड़ी निंदा’ हो जायेगा। लेकिन ’निंदा रस’...
Wednesday, May 03, 2017
चप्पल चालीसा, जूता पुराण
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पिछले दिनों चप्पल खूब चर्चा में रही। हर तरफ़ चप्पल चलती दिखी। मीडिया ’चप्पल चालीसा’ गाता रहा। अखबार ’जूता-पुराण’ बांचते रहे। सोशल मीडिया ...
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