फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Saturday, October 12, 2019
कमलेश पांडेय को ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान की बधाई
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आज कमलेश पांडेय को वलेस घराने का तीसरा ज्ञान चतुर्वेदी मिलना है। महाकाल की नगरी उज्जैन में। इसके साथ ही कमलेश जी वरिष्ठ व्यंग्यकार भी हो गए।...
Tuesday, October 08, 2019
मस्जिद की दीवार पर संस्कृत
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कल बुरहानपुर टहलना हुआ। मध्यप्रदेश में खण्डवा और भुसावल के बीच बसा हुआ बुरहानपुर सूत और कपड़े की बड़ी मंडी है। 400-450 साल पहले यहां के सूती क...
Saturday, October 05, 2019
बर्फ़ सड़क खा जाती है
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भारत के आखिरी गांव थांग से लौटते हुये शाम हो गयी थी। तसल्ली से आराम किये। गेस्ट हाउस में खान-पान का चौकस इंतजामा। मौसम खुशनुमा। हुंडर में फ़ो...
Saturday, September 21, 2019
'घुमक्कड़ी की दिहाड़ी' को वर्ष 2018 का गुलाब राय सर्जना पुरस्कार
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मेरी किताब 'घुमक्कड़ी की दिहाड़ी' को उप्र हिंदी संस्थान द्वारा वर्ष 2018 के गुलाब राय सर्जना पुरस्कार के लिए चयनित होने की सूचना मिली...
Saturday, September 14, 2019
हिन्दी दिवस के कुछ अनुभवों से
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१. सितम्बर का महीना देश में हिन्दी का महीना होता है। हिन्दी नहीं, राजभाषा का। देश भर में राजभाषा माह, पखवाड़ा, सप्ताह, दिवस मनाया जाता है। श्...
Thursday, September 12, 2019
बस निकल लो गुरु आगे जो होगा देखा जाएगा
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लेह से भारत के आखिरी गांव थांग तक के रास्ते में कई बाइकर्स मिले। मोटरसाइकिल पर धड़धड़ाते जाते। खरदुंगला पास पर भी कई टोलियां मिलीं। उनमें कुछ ...
मंडी हाउस की चाय और व्यंग्य का महाउपन्यास
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आज दिल्ली में Subhash Chander जी से मिलना हुआ। जगह मंडी हाउस। व्यंग्य के प्रकांड पंडित सुभाष जी के लिए सितम्बर का महीना ' सहालग'...
Tuesday, September 10, 2019
जो कुछ मिलना है अपनी क्षमताओं से, अपने संघर्ष से और अपने धैर्य से ही मिलना है -आलोक पुराणिक
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[इंसान के व्यक्तित्व निर्माण में उसके बचपन का बड़ा हाथ होता है। आलोक पुराणिक के साथ भी अलग नहीं हुआ। कम उमर में पिता के न रहने पर बकौल आलोक प...
सन्तोष की सांस
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कल घर से निकलते समय हमने अपनी गाड़ी का मुखड़ा देखा। दफ़्तर से लौटते समय एक आटो अनजान तरीके से मेरी गाड़ी को रगड़ता चला गया था कुछ ऐसे जैसे भी...
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