फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Wednesday, May 27, 2020

साहित्य जीवन की तरह है

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  पिछले दिनों कुछ व्यंग्य बतकहियों से रुबरु हुआ। कुछ व्यंग्य पाठ। कुछ बातचीत। कुछ में व्यंग्य की चिंता। कुछ में व्यंग्य लेखन कैसे बढ़िया हो स...
Monday, May 25, 2020

शाहजहांपुर की सड़कों पर साइकिलबाजी

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  सफेद घोड़ा काला सवार और अन्य तमाम रचनाओं के लेखक, कहानीकार हृदयेश जी का घर। सुबह साइकिल से निकले। लोग सड़क पर आ चुके थे। कुछ पार्क में जमे ह...
Saturday, May 23, 2020

कोरोना ग्रस्त कायनात में आबाद जिंदगी

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  रास्तों पर जिंदगी बाकायदा आबाद है। सुबह साइकिल पर निकले। शाहजहांपुर में पहले दिन। शुरुआती पैडल डगमगाते हुए। इसके बाद सम पर चलने लगी। एक मो...
Tuesday, May 19, 2020

जैसे भी हैं, हम सुंदर हैं

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  पेड़ सामाजिक दूरी से बेपरवाह हैं। टहलने निकले। धूप निकल आई थी। निखर गई थी। ससुराल पहुंचते समय लाजवंती शुरुआत करने वाली बहुरिया ससुरालियों...
Tuesday, May 12, 2020

न्याय की जीत

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'हमारे बहुमत में रहते हुए भी हर बार जीत ससुरे न्याय की ही क्यों होती है ? इस बार भी वही जीत गया।'- अन्याय भुनभुनाया । 'बेटा जो न...
Sunday, May 10, 2020

फिर नए सपने होंगे

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  फिर घना कोहरा छंटेगा, फिर नया सूरज उगेगा, फिर नई कली खिलेगी, फिर नई मंजिल मिलेगी। फिर नए सपने होंगे, गले लगाते कुछ अपने होंगे, स्वप्न होंग...
Friday, May 08, 2020

टर्निंग प्वाइन्ट

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  [पिछले दिनों निर्माणी के साथी Shahid Raza शाहिद रजा जी ने मुझे मेरे करीब २५ साल पहले कुछ लेख दिखाये। ये लेख आयुध वस्त्र निर्माणी ,शाहजहा...
Wednesday, April 29, 2020

रास्तों पर जिंदगी बाकायदा आबाद है

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  कोरोना काल में सब कुछ ठप्प सा है। शहरों पर लाकडाउन का कब्जा है। लोग घरों पर रहने को मजबूर हैं। नौकरी शुदा लोगों को घर से काम करने को कहा ...
Tuesday, April 28, 2020

कोशिशें अक्सर कामयाब हो जाती हैं

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  आजकल देश में कोरोना से लड़ाई के लिए पीपीई किट की बड़ी मांग है। पीपीई किट मतलब कवर आल, मास्क और फेसशील्ड। कवर आल मतलब सर पर कैप, शरीर पर गाउ...
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अनूप शुक्ल
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