फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Thursday, December 31, 2020

मेहनत करने वाले के लिए काम की कमी नहीं होती

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  कल सोबरन लाल मिले। सड़क किनारे फ़सक्का मारे बैठे। तसले में वाल पुट्टी घोल रहे थे। घोल रहे थे , मिला रहे थे। वाल पुट्टी दीवार पर लगाई जाएगी।...
Tuesday, December 29, 2020

डेढ़ रुपये का कुल्हड़ दस रुपये की चाय

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सड़क पर झगड़ते जोड़े को वहां के जमावड़े के हवाले छोड़कर हम आगे बढ़े। चौराहे पर दिहाड़ी मजदूर जमा थे। अपने खरीददार के इंतजार में। समय के साथ दिहाड़ी ...
Monday, December 28, 2020

सड़क पर घरेलू कहासुनी

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  इस बार सुबह तसल्ली से निकले। जाड़े में सुबह बिस्तर छोड़ना, ट्रम्प के अमेरिकी राष्ट्रपति पद छोड़ने से भी कठिन काम है। अब अगले ने छोड़ा न छोड़ा अ...
Sunday, December 27, 2020

जहां भी खायी है ठोकर निशान छोड आये

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  हमारे घर में एक शाम को महफ़िल जमी थी 1994-95 में कभी। उसमें Shahid Raza शाहिद रजा ने कुछ शेर और एक गजल पढी थी। उनको मैंने टेप किया था। संयो...
Friday, December 25, 2020

बिस्मिल की शहादत के बाद उनके परिवार की स्थिति

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  बिस्मिल के न रहने के बाद उनकी मां का समय कैसे व्यतीत हुआ हुआ, यह जानने के लिए माँ के साथ गोरखपुर जेल में बिस्मिल से मिलने गए क्रांतिकारी द...
Wednesday, December 23, 2020

पंडित को फांसी, मुझे सिर्फ सजा

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  6 अप्रैल, 1927 को हेमिल्टन फैसला सुनाने वाला था। इसलिए एक दिन पहले 5 अप्रैल को जिला जेल लखनऊ के ग्यारह नम्बर बैरक में रात के भोजनोपरांत क्...
Tuesday, December 22, 2020

रामप्रसाद बिस्मिल

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  बिस्मिल मैनपुरी केस में फरार रहे। उनका वह समय बहुत कठिनाई भरा रहा। इस मामले में नेता गेंदालाल जी का उन्होंने अपनी आत्मरचना में विस्तार से ...
Monday, December 21, 2020

सुधीर विद्यार्थी जी से मुलाकात

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  पिछले शनिवार को अभिव्यक्ति नाट्य मंच द्वारा काकोरी एक्शन के महानायकों की याद में सातवां रंग महोत्सव आयोजित किया गया। कोरोना के चलते तीन दि...
Tuesday, December 15, 2020

कहीं का सामान कहीं पर डिलीवरी

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  दो-तीन दिन पहले हम घर पर थे। लंच पर आए थे। फोन आया -'आपका कोरियर है।' हमने पूछा -'किधर हो ? कहां से आया है कोरियर?' 'फ...
Tuesday, December 08, 2020

सड़क पर ईंट, टट्टर ,शहीद स्तम्भ और बोरा लादे बुजुर्ग

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  मंघई टोला में घुरहू उर्फ़ राजाराम से मुलाक़ात करते हुए लौटे।ज़िंदा रहने के लिए नाम रखा गया घुरहू। बाद में रखा गया राजाराम। मंगतो के मोहल्ले क...
Monday, December 07, 2020

जली कोठी, गौशाला और मंगतों का मोहल्ला

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  इतवार की सुबह कुछ जल्दी ही हो गयी। हम राजा बाबू बनकर निकल लिये। इस बार गेट पर दरबान ने भी नहीं रोका। हमको थोड़ा खराब लगा -दरबान ने हमारे व...
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