फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Tuesday, April 18, 2023

निकट का लोकार्पण और कहानी पाठ

›
कल साहित्यिक पत्रिका ‘निकट’ के बैनर तले कथा गोष्ठी का आयोजन हुआ। वरिष्ठ कथाकार और और निकट के संपादक कृष्ण बिहारी के आत्मीय अनुरोध पर शहर के ...
Friday, April 14, 2023

कृष्ण बलदेव वैद जी की डायरी

›
  "बुश बिल्कुल बांगड़ू नजर आता है, उसी की तरह बोलता और बिफरता है।" कृष्ण बलदेव वैद जी की डायरी में 'बांगड़ू ' शब्द पढ़कर अप...
Tuesday, April 11, 2023

स्पेनिश और एकाकीपन के सौ वर्ष

›
  आज सुबह स्पेनिश के कुछ शब्द सीखे। dualingo मोबाइल एप से। शब्द बार-बार भूल रहे थे, लेकिन एप बिना झल्लाये फिर से सिखाता जा रहा था। सिखाने वा...
Monday, April 10, 2023

इतवार की सड़कबाजी

›
  कल दोपहर कुछ सामान लेने के लिए बाजार जाना हुआ। सामान की लिस्ट एक प्लेटफ़ॉर्म टिकट के पीछे लिख कर बग़ल में रख ली। चलने के पहले अधूरी लिखी प...
Sunday, April 09, 2023

इन दिनों आप क्या पढ़ रहे हैं ?

›
  फ़ेसबुक करते ही पूछता है आप क्या सोच रहे हैं ? अपन हाल ही में पढ़ी हुई किताब ‘अमरूद की महक’ के बारे में सोच रहे हैं। इस किताब में मशहूर ले...
Thursday, April 06, 2023

प्रसिद्धि सच्चाई के भाव को बाधित करती है

›
  ‘एकांत के सौ साल’ Hundred years of solitude गैबरियल गार्सिया मार्केज की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक मानी जाती है। पिछली सदी की बेहतरीन किताबों मे...
Sunday, April 02, 2023

इश्क से बेहतर चाय है

›
कल पहली अप्रैल थी। दिन भर किसी ने बेवकूफ नहीं बताया। बहुत बुरा लगा। शाम को सड़क पर आ गए। शायद कुछ बोहनी हो जाये बेवकूफी की। सड़क पर आते ही ऑटो...
Friday, March 31, 2023

गरीबी के मारे बुरा हाल है

›
कल रामनवमी थी। सुबह-सुबह दौड़ा दिए गए जलेबी लेने। छुट्टी के दिन सुबह ज्ल्दी उठने का मन कम करता है। लेकिन मन की बात करने का हक हरेक को थोड़ी ह...
‹
›
Home
View web version

योगदानकर्ता

My photo
अनूप शुक्ल
View my complete profile
Powered by Blogger.