Saturday, April 19, 2025

समुद्र तट से जंगल सफ़ारी होते हुए हिल स्टेशन



 होटल लाँग बीच देखकर ऐसा लगता था कि होटल को एथनिक लुक देकर बनाया गया था। पुराने जमाने के रंग-ढंग में नया होटल। फ़र्नीचर, रखरखाव सब कुछ ऐसा कि देखकर एहसास हो किसी पुराने समय में रह रहे हों।

सुबह हम लोग होटल के पास ही स्थित समुद्र तट घूमने गए। कुछ देर समुद्र किनारे टहलते रहे। फ़ोटो खींची। वीडिओ बनाए। लौट आए।
जब हम होटल से समुद्र तट की तरफ़ जा रहे थे तो पीछे से अनन्य ने अपने कमरे की बालकनी से हम दोनों को समुद्र तट की तरफ़ जाते देखा। उसने हम दोनों को साथ-साथ, पास-पास और हाथ पकड़कर चलने को कहा। हमने वैसा किया। उसने पीछे से फ़ोटो खींची। फ़ोटो में समुद्र तट, नीला आसमान, बालू, नारियल के पेड़ और इन सबके बीच हम दोनों की फ़ोटो है। बहुत ख़ूबसूरत। फ़ोटो हमारे होने की कारण ख़ूबसूरत नहीं है। हमको तो पहचानना भी मुश्किल अगर कोई बताए न। फ़ोटो की ख़ूबसूरती प्रकृति की सुंदरता के कारण है।
सुबह का नाश्ता करने के लिए मेस हाल में गए। सबसे किनारे की मेज़ पर बैठकर समुद्र की लहरें देखते हुए नाश्ता करना अलग ही आनंद देने वाला लगा।
नाश्ता करने के बाद हम लोगों ने होटल छोड़ दिया। हमारी अगली मंज़िल श्रीलंका का याला राष्ट्रीय उद्यान (Yala National Park) थी।
रास्ते में सड़क के दोनों तारफ लगातार समुद्र और होटल दिखाते रहे। बीच-बीच में बस्ती भी। सड़क पर दुपहिया पर चलने वाली सभी सवारियाँ हेलमेट पहने थीं। एक में तो तीन सवारी दिखीं, तीनों हेलमेट पहनें थीं। शराब और बीयर की नामपट्ट वाली दुकाने जगह-जगह दिखीं।
हाईवे डबल लेन वाले दिखे। टोल बूथ पर टोल टैक्स नक़द जमा हो रहा था। अभी फ़ास्टैग की व्यवस्था शायद शुरू नहीं हुई है वहाँ। भारत में टोल टैक्स फ़ास्ट टैग से कटता है, श्रीलंका में नक़द उगाही होती है। अमेरिका में छह साल पहले हमने देखा था कि टोलटैक्स चलती गाड़ी में कट जाता है। गाड़ी रुकने या धीमे होने की ज़रूरत नहीं होती। तकनीक और सेवायें अलग-अलग देशों में अपने -अपने हिसाब से पहुँचतीं है।
याला सफ़ारी के रास्ते में एक जगह बस रुकी। वहाँ से ट्रिप के मुख्य गाइड चनक जुड़े। अपना परिचय देने के बाद उन्होंने बताया कि वे एक दूसरी ट्रिप से आ रहे हैं। वहाँ जुड़े रहने के करना यहाँ आने में देर हुई।
अपना परिचय देने के साथ चनक ने ट्रिप लीडर अनन्य की तारीफ़ की यह कहते हुए -"बाक़ी ट्रिप लीडर लोगों को टूर पर भेज देते हैं। साथ नहीं आते। अनन्य सर खुद आते हैं। लोगों का ख़्याल रखते हैं।"
बाद में चनक ने यह घोषणा की कि अनन्य शादी होने के बाद जब भी श्रीलंका घूमने आएंगे तब उनका पूरा टूर वो स्पांसर करेंगे। उस मौक़े का सबको इंतज़ार है।
याला सफ़ारी में घूमने के की फ़ीस 5000 भारतीय रुपए है। वहाँ प्रवेश के पहले हमारे पासपोर्ट जमा कराए गए। फिर याला सफ़ारी की जीप से हम लोग घूमने निकले। जंगल भ्रमण।
जंगल घूमने पर जगह-जगह जानवर दिखे। घड़ियाल तालाबों किनारे ऊँघते दिखे। मोर, हिरन, गाय, भैंसे, बंदर, हाथी। हम उन जानवरों को देख रहे थे पैसे देकर। जानवर हम लोगों को बिना पैसे के देख रहे थे।
हाथी कई जगह अकेले या परिवार के साथ आते-जाते, खाते-पीते दिखे। जहाँ कोई जानवर दिखता वहाँ सफ़ारी वाला जीप रोक देता और हम लोग जानवर देखते। फ़ोटो खिंचते, वीडियो बनाते।
क़रीब चार घंटे के जंगल भ्रमण के बाद हम वापस आए। रास्ते में एक जगह गायों का झुंड दिखा। शायद वह भी घर वापस लौट रहा था। सफ़ारी जीप ने हमको वहाँ छोड़ दिया जहाँ पर हमारी बसें थीं। हम लोग बस में बैठकर अपनी अगली मंज़िल की तरफ़ चल दिए। हमारी अगली मंज़िल नुआरा एलिया (Nuwara Elliya ) थी। शाम क़रीब साढ़े पाँच बजे हम लोग याला नेशनल पार्क से चले थे। 122 किलोमीटर दूर नुआरा एलिया पहुँचते-पहुँचते रात के साढ़े आठ बज गये थे।
नुआरा एलिया श्रीलंका का हिल स्टेशन है। इस तरह सुबह समुद्र तट से चलकर जंगल होते हुए रात तक हम हिल स्टेशन पहुँच गए। एक दिन में तीन खूबसूरत पड़ाव।

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