Sunday, April 20, 2025

श्रीलंका के छुटके इंग्लैंड (नुआरा एलिया हिल स्टेशन ) में रावण झरना


 श्रीलंका की याला सफ़ारी से नुआरा एलिया (Nuwara Eliya) तक पहुँचते हुए रात हो गयी थी। नुआरा एलिया श्रीलंका का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। आसपास चाय के बाग़ान होने के कारण कुछ लोग उसे श्रीलंका का उँटी कहते हैं और कुछ लोग लिटिल इंग्लैंड मतलब छुटका इंग्लैंड। नुआरा एलिया नाम का अर्थ है "मैदान पर शहर" या "प्रकाश का शहर"। सुरम्य परिदृश्य और समशीतोष्ण जलवायु के साथ यह शहर नुवारा एलिया जिले की प्रशासनिक राजधानी है।

नुआरा एलिया को को बसाने का श्रेय सैमुआल ब्रेकर (Sir Samuel White Baker) को जाता है। सैमुआल ब्रेकर के बारे में पता किया तो पता चला कि भाई साहब अंग्रेज खोजकर्ता, अधिकारी, प्रकृतिवादी, शिकारी, इंजीनियर, लेखक और (दास प्रथा) उन्मूलनवादी थे । एक इंसान में इतनी क़ाबिलियत एक साथ देखकर ताज्जुब हो सकता है किसी को भी। लेकिन वो ऐसे थे तो थे।
याला से नुआरा एलिया तक तो बस मज़े-मज़े में आई। लेकिन ऊँचाई पर पहुँचते ही हाँफने लगी। हाँफते-हाँफते खड़ी हो गयी। इंजन गरम हो गया था। हम लोगों को लगा कि कहीं उतर का धक्का न लगाना पड़ा। लेकिन कुछ देर बाद स्टार्ट हो गयी बस। धीरे-धीरे चलते हुए आगे बढ़ी बस। एक जगह और रुकी। रुकते-रुकते पहुँच गए होटल।
होटल के कमरे दो मंज़िले थे। नीचे बैठने, चाय-पानी का जुगाड़ ऊपर सोने का हिसाब। बड़ा सा खुला टाइप डाइनिंग हाल ऐसे लग रहा था जैसे शादी का मंडप सजाया गया हो। ठंडा गरम जो खाना मिला खाकर हम लोग सो गए।
सुबह उठे तो पहाड़ की लिटिल इंग्लैंड नुआरा एलिया की ख़ूबसूरती का दीदार हुआ। हिल स्टेशन पर चमकती धूप, साफ़-सुथरी, खिली-खिली धूप देखकर ऐसा लग रहा था मानों किसी ब्यूटी पार्लर से होकर आई हो। मन किया भी कह दें धूप से कि हमसे मिलने के लिए ब्यूटी पार्लर के पैसे खर्च करने की क्या ज़रूरत थी। लेकिन फिर कहा नहीं। कहते तो क्या पता उदास हो जाती। किसी को उदास देखना अच्छा नहीं लगता।
नाश्ता करके होटल छोड़ दिया हमने। पहाड़ी, घुमावदार रास्तों पर आहिस्ते-आहिस्ते चलते , बस में गाना सुनते-सुनाते, सड़क से लोगों को आते-जाते देखते, पहाड़ की ख़ूबसूरती निहारते हम लोग आगे बढ़े।
आगे एक जगह झरना दिखा। झरने का नाम है - रावण झरना (Ravana Falls)। कहा जाता है कि रावण ने राजकुमारी सीता जी का अपहरण कर लिया था, और उसे इस झरने के पीछे की गुफाओं में छिपा दिया था, जिसे अब रावण एला गुफा के रूप में जाना जाता है । उस समय, गुफा जंगल के बीच घने जंगलों से घिरी हुई थी।
25 मीटर ऊँचा रावण झरना श्रीलंका के सबसे चौड़े झरनों में से एक है।
रावण झरना एक खूबसूरत झरना है। झरने के पास रेलिंग लगी हुई है। रेलिंग के साथ खड़े होकर लोग फ़ोटो खिंचा रहे थे। हम लोगों ने भी खिंचाए।
झरने के पास ही रावण की गुफा ( "रावण गुहा" ) है, जहां रावण ने सीता जी को छिपाया था। सड़क से दूर होने के कारण हम लोग इसे देखने नहीं जा पाए।
रावण झरने के पास स्थित दुकानों के नाम भी रावण फल भंडार , रमेश स्टोर, नंदा स्टोर जैसे दिखे। रावण के नाम से कई दुकानें थीं। देखकर ऐसा लगा कि सोने की लंका की के राजा रावण की माली हालत बिगड़ जाने पर गुज़ारे के लिए दुकान खोल ली हो। समय इसी तरह कभी इतिहास में महान लोगों से इसी तरह से मज़े लेता है। कभी बड़े-बड़े तीसमार खां रहे लोगों को उनके नाम की परचून की, पान की, फल की दुकान के गल्ले पर बिठा देता है।
रावण झरने के बाद हम लोग श्रीलंका का प्रसिद्ध नौ मेहराबों वाला रेलवे पुल देखने गए।

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