पिछले दिनों अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को उनके मूल देश वापस भेजा गया। उनमें भारत के लोग भी थे। प्रवासियों को वापस भेजते समय उनको हथकड़ी बेड़ी लगाकर भेजा गया था। इसकी कड़ी प्रतिक्रिया भी हुई। लोगों ने विरोध किया। इस पर भारत के विदेश मंत्री ने संसद में बयान देते हुए कहा -"अमेरिका वाले ऐसा ही करते हैं। पहले भी ऐसा हुआ है।"
भारत के लोगों को हथकड़ी बेड़ी लगाकर भेजे पर हुई आलोचना और तीखी प्रतिक्रिया के बाद विदेश मंत्री ने आश्वासन दिया था -"इस बारे में हम अमेरिका से बात करेंगे।"
अमेरिका से क्या बार हुई, और कितने लोग आए, हथकड़ी-बेड़ी में आए या खुले हाथ-पैर यह तो पता नहीं चला लेकिन यह पता चला कि अमेरिका में अवैध प्रवासियों को वापस भेजने से पहले रखने के लिए एक डिटेंशन कैंप बन रहा है। डिटेंशन कैंप (हिरासत केंद्र) का मतलब है एक ऐसा स्थान जहां उन लोगों को रखा जाता है जो किसी देश में अवैध रूप से रह रहे हैं या जिनके पास देश में रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं हैं. उन्हें तब तक हिरासत में रखा जाता है जब तक कि उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती या उन्हें उनके देश वापस नहीं भेज दिया जाता।
फ्लोरिडा राज्य के जंगल के दलदली इलाके में बन रही हिरासत केंद्र के पास एक हवाई पट्टी भी है। योजना है कि इस जगह क़ैद अवैध अप्रवासियों को यहीं से हवाई जहाज से उनके मूल देश वापस भेज दिया जाएगा। इस खुली जेल की क्षमता 5000 कैदियों को रखने की है जिसे बढ़ाकर 10000 तक किया जा सकता है। कैदियों के लिए चारपाई वाले बिस्तरों की कतारें और जंजीरों से बंधे पिंजरे हैं।
दलदली ज़मीन होने के कारण इलाके में मगरमच्छ और अजगरों की भरमार है। कैदियों को उनकी जान का ख़तरा है। कैदियों को ऐसी अमानवीय स्थितियों में रखने के इंतजाम को लेकर अमेरिका सरकार की आलोचना हो रही है।
इस अवैध प्रवासी हिरासत केंद्र (Immigration detention ) का नाम Alligator Alcatraz है। एलिगेटर मतलब मगरमच्छ । अलकाट्राज जेल दुनिया की दुर्गमतम जेलों में से मानी जाती थी। पूरे अमेरिका भर के छँटे हुए कैदी और दूसरी जेलों में हुड़दंग करने वाले कैदी यहां लाए जाते थे। समुद्र की तेज लहरों और बहुत ठंडे पानी के चलते यहां समुद्र के रास्ते भागना भी बहुत कठिन काम था।
जेल के दौरे के दौरान एक संवाददाता ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प से सवाल पूछा -" क्या यह विचार था कि भागने की कोशिश करने वाले बंदियों को मगरमच्छ खा जाएंगे?"
" मुझे लगता है कि यही अवधारणा है। सांप तेज़ होते हैं लेकिन मगरमच्छ - हम उन्हें (कैदियों को) मगरमच्छ से दूर भागना सिखाएंगे।" ट्रम्प ने जवाब दिया।
आगे ट्रम्प ने जानकारी दी -" सीधी रेखा में मत भागो, इस तरह भागो, उन्होंने ज़िगज़ैग की तरह इशारा करते हुए कहा। तुम्हें पता है कि तुम्हारी संभावना लगभग एक प्रतिशत बढ़ जाती है।"
अपने देश के लोकतंत्र और मानवीय गरिमा और उच्चादर्शों पर गर्व करने वाले देश का मुखिया दूसरे देशों को नागरिकों को , भले ही वह अवैध रूप से वहाँ आ गए हों, इस तरह की परिस्थितियों में रखता है जहाँ से भागने की कोशिश में उनको मगरमच्छ खा सकते हैं। सवाल पूछने पर वह कहता है -"हम उनको भागना सिखायेंगे जिससे उनके बचने की संभावना एक प्रतिशत बढ़ जाएगी।"
मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा लगाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति को याद भी नहीं होगा कि आज अमेरिका की कमान संभालने वाले लोगों के पूर्वजों ने यहाँ के मूल निवासियों को मारकर देश पर कब्जा किया है। अगर अमेरिका के मूल निवासी बाहर से आए लोगों के साथ ऐसा कर पाते तो शायद ट्रम्प यहाँ आते भी नहीं, अपने मूल देश में ही कुछ काम-धाम कर रहे होते।
हर घटना का व्यापारीकरण करने वाले देश में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान फ्लोरिडा रिपब्लिकन पार्टी ने व्यापारिक वस्तुएं लांच (टी शर्ट, कैप और दूसरे पेय) कीं और इस कैंप को एक उपनाम दिया, "एलीगेटर अल्काट्राज़", जिसे राज्य ने आधिकारिक बना दिया। अब 'एलिगेटर अलकार्ट्स' के चित्रों वाली T शर्त और कैप बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। T शर्ट पर जेल जैसी सुविधा के बाहर मगरमच्छ और का सांप लोटते हुए चित्र देखकर ऐसा लगता है कि मैल शर्ट से नीचे गिर रहा है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा अवैध प्रवासियों के मुद्दे को जिस अमानवीय तरीके और तमाशे पूर्ण अंदाज़ में निपटा जा रहा है, उसकी आलोचना करते हुए अमेरिकी पत्रकार मोनिका हेसे (Monika Hesse) ने वासिंगटन पोस्ट अख़बार में अपने लेख में लिखा :
"एलीगेटर अल्काट्राज़ एक अमानवीय स्थान है, लेकिन जब इसे तमाशा माना जाता है, तो सिर्फ़ कैदी ही अपनी मानवता नहीं खोते। हम सभी ऐसा करते हैं। इसका प्रभाव अमेरिकियों को यह बताना है कि वे इसे बहुत गंभीरता से न लें। परिवारों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन यह सब हंसी-मज़ाक के लिए है। हम संवैधानिकता की सीमा पर नाच रहे हैं, लेकिन यह बढ़िया टेलीविज़न बना रहा है। हम पूरी तरह से असंगत हो गए हैं, यहाँ तक कि स्वर निर्धारित करने में भी असमर्थ हैं। अगर ग्वाटेनामो बे आज खुल जाता है, तो वहाँ एक थीम वाला रेस्तरां होगा जिसमें हैप्पी आवर स्पेशल टैगलाइन होगी "गिट मोट गिटमो।"
एलीगेटर अल्काट्राज़ की अवधारणा में छिपी अमानवीयता और तमाशेबाजी की तुलना रोमन गुलामों के साथ हुए अन्याय से करते हुए मोनिका ने लिखा :
"मैं रोमन ग्लैडिएटर लड़ाइयों के बारे में सोचा करती थी । किस तरह का समाज पिकनिक लंच पैक करके दूसरे इंसानों को, गुलामों या युद्धबंदियों को, मौत तक एक दूसरे से लड़ते हुए देखता है? ग्लैडिएटर किंवदंती का एक और हिस्सा यह है कि इन लोगों को बड़े जानवरों, बड़े मांसाहारी जानवरों से लड़ने के लिए मजबूर किया जाता था। लेकिन इसके लिए कोई भौतिक सबूत नहीं था, कुछ महीने पहले अप्रैल में, जब पुरातत्वविदों ने 1800 साल पुराने ग्लैडिएटर के खोदे गए कंकाल पर विशाल काटने के निशानों का विश्लेषण किया। तब इसकी पुष्टि हुई - शेर। किस समाज में दोपहर बिताने का यह सबसे अच्छा तरीका होगा? मैं सोचा करता था कि क्या यह क्रूरता विकास का मुद्दा था या धर्म का मुद्दा था या बस वैकल्पिक गुणवत्ता वाले मनोरंजन की कमी थी, उनके पास निकोलस केज (अमेरिका मनोरंजन कर्ता कलाकार) नहीं था।"
इस कैंप का समर्थन करने वाले बेजी जॉनसन ने एलीगेटर अल्काट्राज़ के चित्र की कैप लगाते हुए फोटो लगायी है और इस परियोजना का समर्थन किया है। उनकी इस ट्विटर पोस्ट पर उनको जमकर गालियाँ मिली हैं।
एलीगेटर अल्काट्राज़ की भावना की आलोचना करते हुए मोनिका लिखती हैं :
"लेकिन फिर आप बेनी जॉनसन को लाखों मगरमच्छों के लिए ऑनलाइन जयकार करते हुए देखते हैं और आप फ्लोरिडा जीओपी के स्टोरफ्रंट को देखते हैं और आपको पता चलता है कि यह लगभग 4 जुलाई है, अमेरिका का 249वां जन्मदिन और हमारे देश के बहुमत के अधिकारी छुट्टी का सप्ताह इस तथ्य का जश्न मनाने में बिता रहे हैं कि अन्य देशों के प्रवासियों को संयुक्त राज्य अमेरिका से इतना प्यार है कि वे यहां आने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालते हैं और हमारी प्रतिक्रिया यह है कि हम आशा करते हैं कि उन्हें मगरमच्छ खा जाएंगे।
आप यह सब देखते हैं और सोचते हैं, कोई बात नहीं। हम ऐसे ही हैं। रॉक में आपका स्वागत है। क्या आपका मनोरंजन नहीं हुआ?"
पर्यावरण विद, मूल अमेरिकी नागरिक और मानवाधिकार समर्थक इस कैम्प का कर रहे हैं। लेकिन अमेरिकी प्रशासन इस सबसे बेपरवाह हिरासत केंद्र बनाने के तत्पर हैं। इस बारे में हम कुछ कर भी नहीं सकते। हमारे विदेश मंत्री जी कह ही चुके हैं -"अमेरिका वाले ऐसा ही करते हैं। पहले भी ऐसा हुआ है।"
आपका क्या सोचना है इस बारे में ?
1. अमेरिका की दुर्गम जेल अलकार्ट्ज़ के बारे में जानकारी का लिंक ।
2. एलिगेटर एलकार्ट्ज़ का इलाक़ा देखने के लिए बेनी जॉनसन का एक्स का लिंक ।
https://www.facebook.com/share/p/1Cq5Y6YUp6/

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