फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Friday, August 11, 2017

वइसे भी बुरा मानने पर कोई जीएसटी तो लगा नही है

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आज सुबह-सुबह साइकिल सामने पड़ गई। पड़ क्या अड़ सी गई। घुमा के लाओ। खड़े-खड़े पहिये-पैडल सब अकड़ गए हैं। दफ्तर का समय हो रहा था। मन किया साइकि...
Tuesday, August 08, 2017

बारिश – कुछ गद्यात्मक बिम्ब

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कल बारिश में बाहर निकलना हुआ। कुछ् दिखा। उसे आपको भी दिखाता क्या, बताता हूं। १. एक मौरम से लदा एक ट्रक कीचड़ और पानी में फ़ंसा था। उसका ...
Monday, August 07, 2017

आज नौकरी भी इंकलाब है

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क्या खूब मजे का हिसाब है, आज नौकरी भी इंकलाब है! पता नहीं कब कहां रगड़ दें, मालिकों का दिमाग खराब है। कल जिस काम पर खुश थे, आज उसी पर...
1 comment:
Sunday, August 06, 2017

पंचबैंक

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1. नेता और वे (डकैत) , दोनों एक ही काम करते हैं, लूटमार और डकैती का, जिसके लिए नेता आदर-सम्मान और सुख-सुविधाएं भोगते हैं, जबकि उन्हें निं...

शर्तें लगाई नहीं जाती दोस्तों के साथ

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आज सुबह घर से निकले तो तीन बच्चे मिल गए। एक केवल पटरे वाला जांघिया पहने। दो कमीज धारी। सड़क पर गलबहियां डाले चले जा रहे थे। हाथ में राखी ट...
Saturday, August 05, 2017

हर कला विकसित होते-होते ’कलाबाजी’ हो जाती है -परसाई

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परसों ’ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान’ पर अपनी बात रखी। इसके बाद परसाई जी का एक लेख पढा। अच्छा लगा तो सोचा आपसे भी साझा करें। परसाई जी का यह ले...
Friday, August 04, 2017

जुगाड़ देखते-देखते सरकारों तक पहुंच रहे हैं लोग

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घर से निकलते ही बाबा जी गेट पर मिल गए। साथ में गौबच्चा। गाय की गर्दन पर उभरी 'गूमड़ खाल' उठाकर हमको दिखाने लगे। गाय की आ...
Thursday, August 03, 2017

ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान

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कल  Sushil Siddharth  जी ने ’ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान’ की घोषणा की। सुशील जी पहले भी कई बार कई इनाम घोषित कर चुके हैं। वलेश सम्मान की घोषणा...
Wednesday, August 02, 2017

आओ बाबू, चाय पी लेव

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'आओ बाबू, चाय पी लेव' - घर के बाहर बैठी महिलाओं ने कहा। कल ही मिली थीं। दो मिनट की बातचीत के बाद चाय का न्योता। हालांकि पिलानी...
Tuesday, August 01, 2017

न पहनें न ओढ़े, फ़ोटो खिंचवावन खातिर बीच मां टप्प से घुसि गईं

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सबेरे दफ्तर के लिए निकले। गाड़ी सर्विसिंग के लिए जमा है। साथी चतुर्वेदी जी लेने के लिए आने वाले हैं। उनका इंतजार करते हुए घर से बाहर निकल...
Monday, July 31, 2017

लाला भइया की फेमस चाय

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कल टहलते हुये तमाम लोगों से मेल-मुलाकात हुई। गये थे ’सैंट्रो सुन्दरी’ की सर्विंग कराने। गाड़ी को सर्विस के लिये छोड़कर पैदल , ऑटो , बस से ...

जीवित रहने की इच्छा का गोंद

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रीजेंसी से टहलते हुए रावतपुर क्रासिंग पर आए। सवारी तलाश रहे थे कि सामने से बस धड़धड़ाती हुई आई। हम लपककर चढ़ लिए। किनारे की सीट खाली थी। हम ...
Sunday, July 30, 2017

ठेले पर भुनता भुट्टा

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ठेले पर भुनता भुट्टा और थर्मोकोल की फ्रिज में रखा पाउच का पानी। मिट्टी की अंगीठी ईंटों के ऊपर रखी लोहे की कड़ाही पर रखी है। उ...
Thursday, July 27, 2017

देश के राजनीतिज्ञ समझदार होते जा रहे हैं

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देश में ट्रक बनाने वाली दो प्रमुख कंपनियां टाटा और अशोक लेलैंड हैं। वी एफ जे में काम करने के दौरान अशोक लेलैंड के कुछ सीनियर अफसरों से मि...
Wednesday, July 26, 2017

सूरज भाई भी रोशनी की जलेबी नहीं जलेबा बनाते हैं

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सुबह बरामदे में आये तो सूरज भाई ने चमकते हुए गुडमार्निंग किया। 15 डिग्री ऊपर चमक रहे थे। तीन चार काले बादल उनको कमांडो की तरह घेरे हुए थे...
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अनूप शुक्ल
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