फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Saturday, May 29, 2021

इब्ने शफी, बी.ए के पंच

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  "जब एक आदमी पागल हो जाता है तो उसे पागलखाने में बंद कर देते हैं और जब पूरी कौम पागल हो जाती है तो ताकतवर कहलाने लगती है।" -इब्ने...
Thursday, May 27, 2021

लव एट द टाइम ऑफ कोरोना

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  बहुत दिन से लिखना स्थगित है। इस बीच कोरोना का हल्ला इतना रहा कि हर तरफ बस कोरोना ही कोरोना। कई मित्र, जान पहचान वाले और उनके परिवारी जन ...
Monday, May 24, 2021

जिजीविषा

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  मरने में मरने वाला ही नहीं मरता उसके साथ मरते हैं बहुत सारे लोग थोड़ा-थोड़ा! जैसे रोशनी के साथ मरता है थोड़ा अंधेरा। जैसे बादल के साथ मरता है...
Sunday, May 16, 2021

कौन मुस्काया

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  कौन मुस्काया शरद के चांद-सा सिंधु जैसा मन हमारा हो गया। एक ही छवि तैरती है झील में रूप के मेले न कुछ कर पाएंगे एक ही लय गूँजनी संसार में द...
Monday, May 10, 2021

फिर नए सपने होंगे

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  फिर घना कोहरा छंटेगा, फिर नया सूरज उगेगा, फिर नई कली खिलेगी, फिर नई मंजिल मिलेगी। फिर नए सपने होंगे, गले लगाते कुछ अपने होंगे, स्वप्न होंग...

मुहब्बत

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  *किसी शहर से परिचित होने के लिए शायद सबसे आसान तरीका यह है कि यह जानने की कोशिश की जाए कि उसमें रहने वाले लोग किस तरह काम करते हैं, किस त...
Sunday, May 09, 2021

कोरोना से लड़ना सबका फर्ज है

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  "अगर आदमी ध्यान से सोचे तो हर घटना का , चाहे वह कितनी ही अप्रिय क्यों न हो, आशापूर्ण पहलू भी होता है। यह सुनकर रेम्बर्त ने गुस्ताखी ...
Friday, May 07, 2021

प्यार के बगैर दुनिया मौत की तरह सूनी है

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  *इंसान को मुसीबतजदा लोगों की तरफ से जरूर लड़ना चाहिए, लेकिन अगर वह लड़ाई के सिवा हर चीज में दिलचस्पी लेना बंद कर दे तो लड़ाई का क्या फायदा? *...
Thursday, May 06, 2021

लिखना खुद को अभिव्यक्त करना है - मनोहर श्याम जोशी

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  मेरी तमाम ऐसी 'रचनाएं' भी हैं, जो मैं अपने मानस पटल पर ही लिखकर खुश हो गया, कागज पर उतारी नहीं। एक जमाना था कि इस तरह सोची हुई रचन...

प्लेग की जगह कोरोना

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  महामारी मुझे इसके सिवा कोई नया सबक नहीं सिखा पाई कि मुझे तुम्हारे साथ मिलकर लड़ना चाहिए। हमसे से हरेक के भीतर प्लेग है, धरती का कोई आदमी इ...
Monday, April 26, 2021

सच और हसीन झूठ

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  झूठ की भीड़ में एक अकेला सच खड़ा था। सच अकेला था लेकिन निडर था। झूठ की भीड़ अकेले सच से डरी खड़ी थी। पता नहीं किस झूठ की पोल खोल दे। एक अकेला ...
Sunday, April 25, 2021

पानी छीलकर आक्सीजन बनाएं

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  सुबह हुई तो चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई दी। सब अपने-अपने अंदाज में चहचहा रहीं थीं। कोई ची ची, कोई टी टी। चींचीं चींचीं, कोई कुहू कुहू। बीच-बी...
Thursday, April 22, 2021

कोरोना बहुत डरपोक है

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  साल भर से कोरोना का हल्ला मचा है। भगदड़ मची है। जिसे देखो कोरोना से हलकान है। मरहूम गब्बर सिंह से भी जबर जालिम , डरावना हो गया है। जहां देख...
Tuesday, April 20, 2021

आपका क्या होगा जनाबे अली

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  तीन मीटर दूरी पर रखे रेडियो पर यह गाना बज रहा है। बार बार कह रहा है -'आप का क्या होगा जनाबे अली।' जैसे हमी से सवाल कर रहा हो। मन क...
Monday, April 19, 2021

जीने की राह

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1.  डर जंगल की आग की तरह फैलता है। एक का डर दूसरे को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। निराशा बढ़ने लगती है और समझ ही नहीं आता कि आगे क्या? पर, डर ...
Tuesday, April 13, 2021

अपना पराठा बचाएं, चूहों को निपटाएं

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अखबार में खबर पढ़ी-डलिया से पराठा गुम होने से महिला हुई बेहोश। दो पराठे में से एक पराठा डलिया से गायब हो गया। महिला ने देखा और बेहोश। बाद में...
Saturday, April 10, 2021

साइकिल के जन्मदिन के बहाने

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कल हमारी साइकिल छह साल की हो गई। 2015 में जबलपुर में रांझी से ली थी। लेने के बाद घण्टी लगवाई, गद्दी बदलवाई। एक दो बार ट्यूब बदले। उसके अलाव...
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