फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Saturday, September 11, 2021

खुला खेल फरुक्खाबादी

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  उस दिन प्लेटफार्म के बाहर फर्श पर बैठी महिला आलपिन से दांत खोद रही रही थी। बहुत दिन बाद आलपिन से दांत खुदाई दिखी। महिला तसल्ली से कुछ सोचत...

अंधविश्वास के खिलाफ़, उनको लिखनी है एक गजल

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  अंधविश्वास के खिलाफ़, उनको लिखनी है एक गजल सुबह से कर रहे इंतजार, पंडित का मुहूरत के लिये। -कट्टा कानपुरी https://www.facebook.com/share/p/...
Friday, September 10, 2021

सुबह से मेरी तारीफ़ों के पुल

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  सुबह से मेरी तारीफ़ों के पुल उसने बांध रखे हैं इतना उतर गये हैं हम, उसकी निगाह से ! -कट्टा कानपुरी https://www.facebook.com/share/p/2kQ...
Monday, September 06, 2021

मैं जो कभी नहीं था, वह भी दुनिया ने पढ़ डाला

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कल सबेरे स्टेशन गए| बच्चे को लेने| ट्रेन करीब एक घंटा लेट थी| इंटरनेट ट्रेन के हाल मिनट दर मिनट , किलोमीटर दर किलोमीटर बताता रहा| देरी और दू...

हमारी हर बेवकूफी को 'बड़ी समझदारी' का नाम मिला

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  हमारी हर बेवकूफी को 'बड़ी समझदारी' का नाम मिला, बेवकूफ कहलाये हमने जब भी अकल की बात कही। -कट्टा कानपुरी https://www.facebook.com/sh...
Tuesday, August 31, 2021

शहीदों की मजारों पर

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शाहजहांपुर बलिदानी शहर कहलाता है | पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के अलावा अन्य अनेक शहीद आजादी की लड़ाई में क...
Monday, August 30, 2021

वजह-बेवजह जैसे मन करे मुस्कराते रहिये

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आज सुबह टहलने निकलते-निकलते सात बजे गए। देर हो गयी तो एकबारगी मन किया छोड़ दें। लेकिन फिर चल ही दिए। साइकिल की हैंडल पर जंग लग गया है। यह लिख...

बदतमीजी जो है वो गॉडगिफ्टेड है

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  बदतमीजी जो है वो गॉडगिफ्टेड है। खाना पकाना एक मजबूरी है। हम लोगों की बात पर बिलीव नहीं करना, हम बोलता कुछ है, करता कुछ है । 71 के पहले हम ...
Saturday, August 28, 2021

प्लेटफार्म टिकट और न्यूटन का तीसरा नियम

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  प्लेटफार्म टिकट के दाम कुछ साल पहले 2 रुपये थे। कभी-कभी चिल्लर न होने के कारण खरीद में मुश्किल होती थी। फिर दस रुपये हुए। देखते-देखते 30/-...
Friday, August 27, 2021

तारीफ इंसान के लिए बहुत खतरनाक चीज होती है

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  तारीफ इंसान के लिए बहुत खतरनाक चीज होती है। तारीफ आग की तरह होती है। यह रोटी भी बनाती है, घर भी जलाती है। तारीफ से इंसान का हौसला बढ़ता है,...
Thursday, August 26, 2021

जहां भी खाई है ठोकर निशान छोड आये

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  जहां भी खाई है ठोकर निशान छोड आये, हम अपने दर्द का एक तर्जुमान छोड आये. हमारी उम्र तो शायद सफर में गुजरेगी, जमीं के इश्क में हम आसमान छोड ...
Wednesday, August 25, 2021

समय होत बलवान

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  कल हमने फेसबुक पर दो पोस्ट लिखी। पहली पोस्ट में करीब आधे घण्टे की मेहनत लगी। दूसरी में दो मिनट । पहली में लिखाई थी। दूसरी में डीपी बदलाई।...
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