Saturday, April 26, 2025

टी. एस. इलियट कौन है?


 [मैं आजकल अमेरिकी लेखक जोसेफ हेलर का व्यंग्यपूर्ण युद्ध उपन्यास कैच-22 पढ़ रहा हूँ। है। 1961 में प्रकाशित यह उपन्यास बीसवीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण उपन्यासों में से एक के रूप में उद्धृत किया जाता है। इस पर फ़िल्म भी बन चुकी है। पता नहीं इसका हिंदी अनुवाद हुआ है कि नहीं। उपन्यास में एक प्रसंग में बात चलती है कि किसी एक कवि का नाम बताओ जो कमाई भी करता हो? जवाब में टी. एस. इलियट का नाम बताए जाने पर खोज होती है कि टी. एस. इलियट कौन है? फ़ौजी अन्दाज़ में खोज। अंश का अनुवाद करने यहाँ पेश है। पढ़िए और बताइए कि अनुवाद कैसा है? ]

वह जुआँ खेलकर भी कभी पैसे नहीं कमा पाया। यहाँ तक कि वह बेइमानी करके भी नहीं जीत पाया क्योंकि जिनके ख़िलाफ़ वह बेइमानी करता था वे उससे बड़े बेईमान थे। उसको दो अफ़सोस थे जिनके आगे वह हार मान चुका था- वह कभी भी निशानेबाज़ नहीं बन पाएगा और वह कभी पैसा नहीं कमा पाएगा।
'कमाई न करने के लिए दिमाग़ लगता है' कर्नल कारगिल ने एक अपने ज्ञापन में लिखा जो कि वह जनरल पेकरिन के हस्ताक्षर में नियमित रूप से जारी करता था। 'आजकल कोई बेवकूफ भी कमाई कर सकता है और लोग कर भी रहे हैं। लेकिन उन लोगों का क्या जो प्रतिभाशाली भी हैं और विद्वान भी? उदाहरण के लिए किसी एक कवि का नाम बताओ जो कमाई भी करता हो।'
'टीएसइलियट' , सत्ताइसवीं एयरफ़ोर्स के हेडक्वार्टर के एक चेम्बर में बैठकर मेल छाँट रहे भूतपूर्व पीएफसी विंटरग्रीन ने (फ़ोन पर) कहा और बिना अपना परिचय दिए फ़ोन पटक दिया।
रोम में मौजूद कर्नल कारगिल अचरज में पड़ गया।
'वह कौन था?' जनरल पेकमेन ने पूछा।
'मुझे नहीं पता' कर्नल कारगिल ने जवाब दिया।
'वह क्या चाहता है?'
'मुझे नहीं पता।'
'अच्छा, उसने क्या कहा?'
'टीएसइलियट' कर्नल कारगिल ने उसे बताया।
'वह क्या है?'
'टीएसइलियट' कर्नल कारगिल ने दोहराया।
केवल "टीएस--"
हाँ सर उसने यही कहा। केवल "टीएसएलियट।"
मुझे ताज्जुब है कि इसका क्या मतलब है? जनरल पेकमेन ने कहा।
कर्नल कारगिल को भी ताज्जुब हुआ।
'टी.एस.इलियट' जनरल पेकमेन सोच में पड़ गया।
'टी.एस.इलियट' कर्नल कारगिल ने उसी तरह उसी तरह के मुर्दनी भरे ताज्जुब के साथ दोहराया।
जनरल पेकमेन ने एक क्षण बाद एक स्निग्ध और सौम्य मुस्कान के साथ खुद को जगाया। उसकी भाव भंगिमा कुटिल और जटिल थी। उसकी आँखे शातिर ढंग से चमक रही थीं। ' मुझे जनरल ड्रीडल से बात कराओ ' उसने कर्नल कारगिल से कहा , 'उसको यह मत बताना कि कौन बात कर रहा है।'
कर्नल कारगिल ने उसको फ़ोन पकड़ा दिया।
'टी.एस.एलियट' जनरल पेकमेन ने कहा और रुक गया ।
'वह कौन था?' कर्नल मूड्स ने पूछा।
जनरल ड्रीडल, जो कि कोर्सिया में था , ने जवाब नहीं दिया। कर्नल मूड्स जनरल ड्रीडल का दामाद था और जनरल ड्रीडल ने अपनी पत्नी के आग्रह और अपनी समझ से उसको सैन्य व्यापार में घुसा दिया था। जनरल ड्रीडल ने कर्नल मूड्स को नफ़रत से घूरकर देखा। वह अपने दामाद , जो कि उनका सहायक था और इसलिए लगातार उनके सम्पर्क में रहता थे, को देखना तक पसंद नहीं करते थे। वे अपनी बेटी की शादी कर्नल मूड्स से कराने के ख़िलाफ़ थे क्योंकि उनको शादियों में शामिल होना नापसंद था। चेहरे पर एक ख़तरनाक और चिंतित भाव धारण किए हुए जनरल अपने आफिस के आदमकद शीशे के सामने खड़े होकर अपने गठीले प्रतिबिम्ब को देखने लगे। उनका सिर भूरा, चौड़ी भौंहों वाला था, उनकी आँखों के ऊपर लोहे के भूरे रंग के गुच्छे थे और उसका जबड़ा कुंद और उग्र था। वे अभी-अभी प्राप्त हुए रहस्यमय संदेशों पर गहन चिंतन में डूबे हुए थे। आहिस्ते-आहिस्ते उनका चेहरा एक विचार से नरम हो गया और उनके होंठ एक शातिर ख़ुशी के साथ गोल हो गए।
' पेकमेन से बात कराओ' उन्होंने कर्नल मूड्स से कहा ' और उस हरामी को यह मत पता लगने देना कि कौन बात कर रहा है।'
'वह कौन था'? रोम में मौजूद कर्नल कारगिल ने पूछा।
'वही आदमी' जनरल पेकमेन ने चिंता के साथ उत्तर दिया 'और अब वह मेरे पीछे पड़ा है।'
'वह क्या चाहता है?'
'मुझे पता नहीं।'
'उसने क्या कहा?'
'वही बात।'
'टी.एस. एलियट?'
हाँ, "टी.एस. एलियट" उसने केवल यही कहा। जनरल पेकमेन ने उम्मीद के साथ सोचा। शायद यह कोई नया कोड है दिनों के रंगों की तरह। तुम प्राप्त हुए संदेशों को जाँचों और देखो कि यह कोई नया कोड या कुछ और या दिनों के रंग का कोई कोड है।
संदेशों की जाँच से पता चला कि टी. एस. एलियट कोई नया कोड नहीं था न ही किसी दिन का कोई रंग।
कर्नल कारगिल को अगला विचार सूझा। शायद हमको सत्ताईस एयर फ़ोर्स हेडक्वार्टर्स को फ़ोन करना चाहिए पता करना चाहिए कि वे इस बारे में कुछ जानते हैं? वहाँ विंटरग्रीन नाम का एक क्लर्क है जिससे मेरी अच्छी जानपहचान है। उसने मुझे बताया था कि जिसने मुझे बताया कि हमारा गद्य (संदेश) बहुत लम्बा है।
भूतपूर्व पीएफसी विंटरग्रीन ने कारगिल को बताया कि सत्ताईस एयर फ़ोर्स हेडक्वार्टर्स में टी. एस. एलियट के बारे में कोई रिकार्ड नहीं है।
'हमारे आजकल के गद्य (संदेश) कैसे है? ' कर्नल कारगिल ने पीएफसी विंटरग्रीन फ़ोन पर बात करते समय पूछा -' यह पहले से बेहतर है, है न? '
'ये अभी भी बहुत लम्बे हैं' पीएफसी विंटरग्रीन ने जवाब दिया।
'मुझे ताज्जुब नहीं होगा अगर जनरल इन सब के पीछे जनरल ड्रीड़ल का हाथ हो।' जनरल पेकमेन ने अंत में स्वीकार किया। 'याद करो उसने निशानेबाज़ी वाली रेंज के लिए क्या किया था ?'
जनरल ड्रीड़ल ने कर्नल कैथकार्ट की निजी निशानेबाज़ी रेंज को सभी अधिकारियों और युद्ध ड्यूटी पर तैनात समूह में भर्ती सभी लोगों के लिए खोल दिया था। जनरल ड्रीड़ल चाहते थे कि उनके उनके जवान निशानेबाज़ी रेंज में अधिक से अधिक समय, जितना उनकी सुविधाएँ और उड़ान का समय अनुमति दे, बिताएँ। महीने में आठ घंटे शूटिंग करना उनके लिए बेहतरीन प्रशिक्षण था। इससे उनको निशानेबाज़ी की ट्रेनिंग मिली।
डनबर को स्कीट शूटिंग (निशानेबाज़ी) पसंद थी क्योंकि वह इससे हर क्षण इसे घृणा करता था और समय बहुत धीरे गुजरता था। उसने हिसाब लगाया था कि स्कीट शूटिंग रेंज में हैवरमेयर और अप्पलबी जैसे लोगों के साथ बिताया एक घंटे का समय ग्यारह बार सत्रह साल के समय के बराबर है।
'मुझे लगता है तुम पागल हो' कलेविंजर ने डनबर की खोज के बारे में सुनकर कहा।
'कौन जानना चाहता है'? डनबर ने जवाब दिया।
'मैं सही कह रहा हूँ,' कलेविंजर ने अपनी बात पर ज़ोर दिया।
'किसे पड़ी है?' डनबर ने जवाब दिया।
'मुझे चिंता है।मैं तो यहां तक ​​मानूंगा कि जिंदगी लंबी लगती है मुझे __'
'लम्बी है'
'लम्बी है, लम्बी है ? ठीक है। लम्बी है अगर यह बोरियत और परेशानियों से भरी हुई है।'
'अंदाज़ा लगाओ कितनी तेजी से?' डनबर ने अचानक कहा।
'हुह'
वे जा रहे हैं,' डनबर ने समझाया।
'कौन?'
'साल।'
'साल।'
'साल।' डनबर ने कहा -'साल, साल, साल।'
'कलेविंजर तुम डनबर को अकेले क्यों नहीं छोड़ देते?' योसरीयन अंदर आया। 'क्या तुमको इसका अंदाजा नहीं है कि इससे कितना नुकसान हो रहा है।'
कोई बात नहीं। डनबर ने उदारता पूर्वक कहा। मुझे कुछ दशक बिताने हैं। क्या तुमको पता है कि एक साल बीतने में कितना समय लगता है जब यह बीत रहा होता है?
'और तुम भी चुप रहो।' योसरीयन ने ओर से कहा जिसने मुंह दबाकर हंसना शुरू कर दिया था।
'मैं केवल उस लड़की के बारे में सोच रहा था।' ओर ने कहा 'सिसली की गंजे सर वाली लड़की के बारे में।'
'बेहतर है तुम चुप रहो।' योसरीयन ने उसको चेतावनी दी।
'यह तुम्हारी गलती है' डनबर ने योसरीयन से कहा-'अगर वह हँसना चाहता है तो तुम उसको हंसने क्यों नहीं देते?' यह उससे बात करने के मुक़ाबले बेहतर है।'
'ठीक है। हँसो अगर हँसना चाहते हो ।'
'क्या तुमको पता है कि एक साल बीतने में कितना समय लगता है जब यह गुजर रहा होता है?' डनबर ने कलेविंजर से दोबारा पूछा। 'इतना लम्बा' उसने अपनी उँगली चटकाते हुए कहा। 'एक सेकेंड पहले तुम खुली हवा से भरे फेफड़ों के साथ कालेज में प्रेवश ले रहे थे। आज तुम एक बुजुर्ग इंसान हो।'
'बुजुर्ग?' कलेविंजर ने आश्चर्य के साथ पूछा-'तुम किस बारे में पूछ रहे हो?'
'बुजुर्ग के बारे में।'
'मैं बुजुर्ग नहीं हूँ।'
तुम जब भी किसी मिशन पर जाते तो उस समय अपनी मौत से कुछ इंच की दूरी पर होते हो। अपने उमर में तुम कितने बुजुर्ग हो सकते हो ? आधे मिनट पहले तुम हाई स्कूल में दाखिल हो रहे थे और एक बिना हुक वाली ब्रा तुम्हारे इतने नज़दीक थी जितनी तुमने कभी स्वर्गिक सुख की उम्मीद की होगी। एक सेकेंड के पाँचवे हिस्से तुम एक छोटे बच्चे थे जिसको दस हफ़्ते की गर्मी की छुट्टियाँ मिली थीं और जो सैकड़ों, हज़ारों साल तक बनी रहीं तब भी इतनी जल्दी ख़त्म हो गयीं। रोको ! दिन इतनी तेजी से रॉकेट की तरह आगे बढ़ते हैं। तुम समय को और कैसे धीमा कर पाओगे ?
हो सकता है यह सब सच हो। कलेविंजर ने अनिच्छा से धीमे स्वर में स्वीकार कर लिया। हो सकता है कि लंबे जीवन को यदि बहुत लंबा दिखाना है तो उसमें कई अप्रिय परिस्थितियां भी होनी चाहिए। लेकिन ऐसा जीवन कौन चाहता है?
'मैं चाहता हूँ।' -डनबर ने कहा।
'क्यों?' कलेविंजर ने पूछा।
'अब और बचा ही क्या है? '
- जोसेफ हेलर रचित उपन्यास कैच -22 के एक अंश का हिंदी अनुवाद!

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