फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Saturday, April 13, 2019

जो सीधे-सीधे लिखा जाये वह साहित्य नहीं होता- मनोहर श्याम जोशी

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  मनोहर श्याम जोशी जी हमारे पसंदीदा लेखकों में हैं। बहुतों के होंगे। उनका लिखा अधिकतर पढ चुके हैं। फ़िर-फ़िर पढते हैं। पिछले दिनों प्रभात रंजन...
Friday, April 12, 2019

हवा में जूता उर्फ़ जूतिकल स्ट्राइक

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आजकल ’सर्जिकल स्ट्राइक’ का बड़ा हल्ला है। अपने जहाज पड़ोस में बमबारी कर गये। अगले ने पड़ोसी धर्म निभाते हुये अपने जहाज भी उड़ाये। मीडिया, अखबा...
Thursday, April 11, 2019

सड़क पर जाम मतलब दुनिया आबाद

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  सबेरे सड़क पर भीड़ है। बच्चे स्कूल की तरफ चले जा रहे हैं। रिक्शे , साइकिल, ऑटो, कार, स्कूटर मने जिसको जो सवारी मिली उसी पर चढ़ा चला जा रहा है...
Monday, April 08, 2019

गधे (घोड़े) ने की इंसान की तरह हरकत

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पढा लिखा लगता है। लेकिन ताज्जुब की बात यह कि गधा (जानवर) होने के बावजूद इंसानों की तरह झांसे में आ गये भाईजी। मेगा माल में 2500 की खरीद पर 5...

नशे में सीटों का तालमेल

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नशा चढ़कर बोलता है। दो रिक्शेवाले भाई इतनी गम्भीरता से बतिया रहे थे देखकर लगा कि किसी राजनैतिक पार्टी के मुखिया सीटों के तालमेल पर 'मिस्क...
Thursday, April 04, 2019

परदेसियों से न अखियां लड़ाना

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  सूरज भाई भन्नाए हुए हैं। कुछ किरणें अभी तक धरती पर नहीं पहुंचीं हैं। सज-संवर रही हैं। इठलाती हुई एक-दूसरे से 'देख री, कैसी लग रही हूँ...
Wednesday, April 03, 2019

फुटपाथ पर अंगौछे

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इतवार को फुटपाथ पर अंगौछे दिखे। फुटपाथ पर नहीं पेड़ पर लटकते। दिहाड़ी दुकानदार पेड़ की टहनियों पर अंगौछे लटका रहा था। प्राकृतिक शो रूम। टहनियों...
Tuesday, April 02, 2019

क्रासिंग पर कड़क्को

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क्रासिंग पर गाड़ियां रुकते ही बच्चे लपकते हैं। रुकी हुई गाड़ियों के शीशे साफ करने लगते हैं। कुछ लोग बच्चों को घुड़क देते हैं। कुछ चुपचाप साफ कर...
Saturday, March 30, 2019

नींद

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  चाहे सृजन की हो चाहे भजन की हो थकन की नींद एक है। किसी को कुछ दोष क्या किसी को कुछ होश क्या अभी तो और थकना है। -स्व रमानाथ अवस्थी https://...
Friday, March 29, 2019

एक का मलबा दूसरे के नींव

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सुबह की बात ही कुछ और होती है। शहर अंगड़ाई लेते हुए उठ गया। बच्चे स्कूल की तरफ लपक लिए। बड़े दिहाडी कमाने निकल लिए। एक बुजुर्ग रिक्शे वाला ए...
Thursday, March 28, 2019

तन पर नहीं लत्ता-पान खाएं अलबत्ता

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रिक्शे वाले घर गए हैं। होली पर। त्योहार मनाने। अगले हफ्ते आएंगे। रिक्शा मालिक सुरेश ने जानकारी दी। रिक्शे भी आराम फरमा हैं। तसल्ली से धूप से...
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अनूप शुक्ल
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