फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Monday, September 21, 2020
परसाई के पंच-43
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1. कुछ राष्ट्रों और व्यक्तियों का बचपन कभी नहीं जाता। बूढे आदमियों को भी मैंने कुत्ते की पूंछ में पटाखे की लड़ी बांधकर आग लगाते देखा है। 2....
अरविन्द कुमार जी से बातचीत
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अरविन्द कुमार जी मेडिकल फिजिक्स के प्रोफेसर , जाने-माने व्यंग्यकार और कथाकार तो पहले से ही हैं। इस बीच वे शानदार और सफल वार्ताकार के रूप...
Sunday, September 20, 2020
परसाई के पंच-42
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1. अन्धे में अजब काइयांपन आ जाता है। वह खरे और खोटे सिक्के को पहचान लेता है। पैसे सही गिन लेता है। उसमें टटोलने की क्षमता आ जाती है। वह पद...
परसाई के पंच-41
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1. जिसकी बात के एक से अधिक अर्थ निकलें वह सन्त नहीं होता, लुच्चा आदमी होता है। सन्त की बात सीधी और स्पष्ट होती है और उसका एक ही अर्थ निकलत...
Saturday, September 19, 2020
परसाई के पंच-40
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1. अतिशासन से शासनहीनता के दौर में आ जाना भी क्रान्ति है। 2. यहां सफ़ाई-दरोगा अगर नौकरी से निकाल दिया जाय, तो उसे कारपोरेशन में क्रान्ति कह...
परसाई के पंच-39
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1. ज्ञानी कायर होता है। अविद्या साहस की जननी है। 2. आत्मविश्वास कई तरह का होता है- धन का, बल का, ज्ञान का। मगर मूर्खता का आत्मविश्वास सर्व...
परसाई के पंच-38
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1. इस देश के ज्ञानी या अज्ञानी सबकी यह विडम्बना है कि वह क्रोध से फ़ौरन किस्मत पर आ जाता है। 2. वर्तमान सभ्यता जेबकटी की सभ्यता है। हर आदमी...
Friday, September 18, 2020
परसाई के पंच-37
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1. निरीक्षक लोग नकल कराना अपने कर्तव्य में शामिल समझते हैं लेकिन वे नकल उन्हीं को कराते हैं जो अपने हों या जिनकी ट्यूशन के हों। 2. जब तक क...
Thursday, September 17, 2020
परसाई के पंच-36
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. इधर कुछ डाकुओं , गुण्डों की फ़िल्म बनने लगी है, जिसमें लड़की डाकू से प्रेम करने लगती है। बस मैं देखता हूं कि अनेक किशोर बिल्कुल उन डाकुओं ...
Tuesday, September 15, 2020
परसाई के पंच-35
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1. भारत-भूमि कुछ ऐसी उपजाऊ है कि बाहर से आयी हुई चीज यहां खूब फ़लती-फ़ूलती है। विदेश से आयी हुई प्लेग हमारे गांव-गांव में पहुंच गई और प्लेग ...
परसाई के पंच-34
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1. कथावाचक को हम कुलपति बना देते हैं, जुआड़ी को मन्त्री बना देते हैं, अयोग्य को ऊंचा पद और सुयोग्य को नीची जगह, शोषक को शोषितों का नेता, सि...
Monday, September 14, 2020
परसाई के पंच- 33
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1. हमारे देश में छोटा आदमी हमेशा ’सैम्पल’ के काम आता है, और कटता है बड़ों की भलाई के लिये। 2. सिंचाई विभाग में अगर करोंड़ों के घोटाले का हल्...
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