फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Thursday, October 13, 2022
धर्मकर्म सब खत्म हो गया
›
कल सुबह टहलने निकले तो दाएं-बाएं जाने की बजाय सीधे चलते चले गए। सड़क खत्म हुई एक दीवार पर। बगल की दीवार एक सिरे पर टूटी थी। उस हिस्से को पा...
Friday, October 07, 2022
बदन तोड़ो ,बदन जोड़ों अभियान
›
बिस्तर पर रात भर के बदन तोड़ो अभियान के बाद सुबह हर अंग दूसरे से मुंह बिचकाये हुए था । किसी में कोई सहयोग नहीं। बातचीत नहीं। नतीजतन बदन बिस्त...
Sunday, October 02, 2022
आकाश में अर्धचंद्र पर विचार गोष्ठी
›
“कलाकार अपनी नस्ल के एन्टीना होते हैं। वे समाज में आने वाली विसंगतियों को समय से पहले भाँपकर उनको दूरकरने के उपाय सुझाते हैं। आज के समय में...
‹
›
Home
View web version