फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Saturday, March 30, 2024
अनजान शहर में एक नया दोस्त
›
खुदाबख्श लाइब्रेरी के सामने ओवरब्रिज बनता देखकर हमने वहां के एक कर्मचारी से पूछा -'इसके बनने से तो लाइब्रेरी की राह मुश्किल हो जाएगी।...
Thursday, March 28, 2024
पटना की खुदाबख्श लाइब्रेरी
›
हमको दीपक नें अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर खुदाबख्श लाइब्रेरी तक छोड़ दिया। मजे की बात जब हमने प्लेन में मिली बालिका से खुदाबख्श लाइब्रेरी के ...
Tuesday, March 26, 2024
कोलकता वाया पटना
›
पिछ्ले दिनों कलकत्ता जाना हुआ। लखनऊ से जहाज पकड़ना था। सबेरे की उड़ान थी। दस बजे की। घर से हवाई अड्डा ९० किलोमीटर है। दो घंटे लगते हैं । लेक...
Friday, March 15, 2024
500 साल पहले का 'स्त्री विमर्श'
›
चालीस दिन तक हमीदा बानो ना-नुकर करती रहीं। जन्नत आशियानी हुमायूँ बादशाह की सौतेली माँ दिलदार बेगम ने नसीहत दी,"आखिर किसी से तो शादी करन...
Monday, March 11, 2024
समुद्र तट पर फैशन परेड
›
आजकल यात्रा संस्मरण पढ़े जा रहे हैं। असगर वजाहत जी की किताब 'उम्र भर सफर में रहा'। कल उनके यात्रा संस्मरण के कुछ किस्से पढ़े। किस्से...
Thursday, March 07, 2024
जो रचेगा, सो बचेगा
›
गए दिन फेसबुक और इंस्टाग्राम थोड़ी देर के लिए गड़बड़ा गए। गड़बड़ी के दौरान और बहाल होने के बाद हजारों लोगों ने इस बात पर अपने हिसाब से लिखा। चु...
Wednesday, March 06, 2024
सर्वहारा की सामाजिकता
›
सुबह उठते ही लगता है कुछ लिखा जाए। बीते दिन, समय की कोई बात प्रमुख लगती है तो उसके बारे में लिखने की सोचते हैं। जब लिखने बैठते हैं तो लगता...
Thursday, February 29, 2024
पाठकों की टिप्पणिया और सुझाव
›
सोशल मीडिया पर सबसे बड़े और एकमात्र गुरु पाठक होते हैं। पाठकों की टिप्पणियां पोस्ट के श्रंगार की तरह होती हैं। पुस्तक मेले से लौटते हुए मेट...
Wednesday, February 28, 2024
पुस्तक मेले से वापसी मेट्रो यात्रा
›
पुस्तक मेले में चाय पचास रुपये की थी। एक कारण इसके पीछे यह भी रहा होगा कि वहां दुकान लगाने के पैसे काफी लिए होंगे मेला आयोजको द्वारा। पुस्तक...
‹
›
Home
View web version