फ़ुरसतिया
हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै
Saturday, August 20, 2005
फुरसतिया:कुछ बेतरतीब यादें
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आज बीस अगस्त है। आज के ही दिन एक साल पहले मैंने ब्लाग लिखना शुरु किया था। रवि रतलामी के अभिव्यक्ति में छपे लेख तथा देवाशीष के ब्लाग पर उपलब्...
13 comments:
Friday, August 19, 2005
उनका डर
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By फ़ुरसतिया on August 19, 2005 वे डरते हैं किस चीज से डरते हैं वे तमाम धन -दौलत गोला-बारूद-पुलिस-फौज...
Monday, August 15, 2005
ऐ मेरे वतन के लोगों
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By फ़ुरसतिया on August 15, 2005 आज पन्द्रह अगस्त है। सबेरे उठा तो देखा नल में पानी नहीं आ रहा था। पता किया चार पम्प ...
Thursday, August 11, 2005
ईदगाह अपराधबोध की नहीं जीवनबोध की कहानी है
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By फ़ुरसतिया on August 11, 2005 मेरे लेख हैरी पाटर का जादू तथा हामिद का चिमटा पर स्वामीजी की प्रतिक्रिया थी:- ...
Wednesday, August 10, 2005
अंधकार की पंचायत में सूरज की पेशी
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By फ़ुरसतिया on August 10, 2005 आजकल मुझे कन्हैयालाल नंदन की कविता सूरज की पेशी बार-बार याद आ रही है:- नजरों के ओ...
Monday, August 08, 2005
हैरी का जादू बनाम हामिद का चिमटा
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By फ़ुरसतिया on August 8, 2005 आज दुनिया में हैरी पाटर का हल्ला है। नित नये तथ्य सामने लाये जा रहे हैं। सारी हैरी पाटर...
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