फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Saturday, December 17, 2022

बोधा स्तूप मिथक और ऐतिहासिक धरोहर

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पिछली पोस्ट में होटल के पास के स्तूप को देखने का किस्सा लिखा था। Chandra Bhushan जी ने पूछा -' यह कौन सा स्तूप है? देखने से बोधा स्तूप...
Friday, December 16, 2022

नेपाल की खुशनुमा सुबह

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होटल के जिस कमरे में ठहरे थे उसकी खिड़की से बौद्ध स्तूप दिखता है। बुकिंग के समय ही एक विकल्प के रूप में मौजूद है -स्तूप की तरफ का कमरा। हालां...
Wednesday, December 14, 2022

काठमांडू में कैसिनो

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‘यात्राओं में बेवकूफियां चंद्रमा की कलाओं की तरह खिलती हैं। ‘ होटल लौटते हुए बहुत पहले की यह बात फिर याद आई। लेकिन इस बार यह घटना यात्रा शुर...
Tuesday, December 13, 2022

रात में नेपाल की सड़क

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3D रेस्टोरेंट मतलब तीन बेटियों के रेस्टोरेंट से चाय पीकर लौटे तक काफी रात हो गयी थी। काफी रात मतलब करीब दस बजने वाले थे। सड़क पर केवल गाडियां...
Monday, December 12, 2022

बेटियों का रेस्टोरेंट

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पिछले महीने नेपाल जाना हुआ। दफ्तर के काम से। कानपुर से लखनऊ, लखनऊ से दिल्ली। दिल्ली से काठमांडू। सुबह दिल्ली से चलकर दोपहर के पहले काठमांडू ...
Wednesday, November 30, 2022

लिफाफे में कविता बनाम लिफाफे में किराया

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लगभग चार वर्षों के इंतजार के बाद अरविंद तिवारी जी Arvind Tiwari का चौथा व्यंग्य उपन्यास प्रकाशित हुआ -'लिफाफे में कविता।' प्रकाशित ...
Sunday, November 27, 2022

अतुल अरोरा से मुलाक़ात

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  कल Atul Arora मुलाक़ात हुई। बहुत दिनों के बाद। इसके पहले की मुलाक़ात लगभग दस-बारह साल पहले हुई थी जब हम आर्मापुर में रहते थे। तीन साल पह...
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अनूप शुक्ल
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