फ़ुरसतिया

हम तो जबरिया लिखबे यार हमार कोई का करिहै

Tuesday, November 28, 2017

दुनिया बावजूद तमाम चिरकुटईयों के बहुत खूबसूरत है

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कल दफ़्तर के लिये निकले। तिराहे पर मिनी जाम लगा था। एक स्कूटर और ऑटो में टक्कर हुई थी। स्कूटर दोनो टायर करवटियाये सड़क पर लेटा था। ऑटो बगल ...
Thursday, November 23, 2017

हर व्यक्ति अपने में मठाधीश है

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कल मंडी हाउस में चाय पी गयी। पहुंचते ही एक सर्वेरत बालक ने पकड़ लिया। किसी कंपनी में काम करता है। कंपनी की तरफ़ से सर्वे का काम मिला है। व...
Wednesday, November 22, 2017

सूरज भाई के जलवे

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‌सुबह खिड़की खोली तो देखा सूरज पेड़ के ऊपर विराजमान थे। गुलदस्ते के फूल की तरह खिले हुए। सर्दियों की आमद से उनकी खूबसूरती बढ़ गयी थी। हमने ...
Tuesday, November 21, 2017

महाभारत काल में नोटबन्दी

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महाभारत के समय में पांडवों ने अपने पुरुषार्थ से खूब बड़े नोट जमा कर लिए थे। कुछ टैक्स भरते, ज्यादा बचा लेते। कौरवों को जब पता चला तो उन्ह...
1 comment:
Sunday, November 19, 2017

‌इतवार की गुनगुनी सुबह

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सुबह निकले । सड़क गुलजार थी। मूंगफली की दुकानें सज गयीं थीं। एक आदमी दुकान पर बैठा स्टील के ग्लास में चाय पी रहा था। बगल में सड़क पर बैठा द...
Friday, November 17, 2017

आये भैया कोई हीरो आये

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आये भैया कोई हीरो आये, हमारे देश को आगे ले जाये। हमें निठल्ले ही रहना है, हीरो देश का गर्व बढाये। उसको मेहनत करना होगा, भला-बुरा सब स...
Saturday, November 11, 2017

इंसान कुदरत का बेहया दुलरुआ है

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सबेरे घूमने निकले। सड़क किनारे की सब दुकानें साफ़। पप्पू की चाय की दुकान का टट्टर गायब, भट्टी लापता, बेंच तिरोहित। पता चला कैंट में किसी टू...
Saturday, November 04, 2017

मन कर रहा कि अब उठे

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मन कर रहा कि अब उठे , फ़ौरन नहा के आ जाएँ लेकिन सोचते हैं कि दौड़ के दूकान से दूध ले आएं। बाहर बगीचे में फूल खिला है अपने पूरे जलवे से मन ...
Friday, November 03, 2017

सवालों की सर्जिकल स्ट्राइक

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ये भाईजी आज टाटमिल चौराहे से घंटाघर की तरफ़ जाने वाले पुल पर मिले। पीठ पर तमाम तरह का सामान लादे, जिसमें शायद भारत में बनने वाली...
Thursday, October 26, 2017

बहुत कुछ लिखने को बचा रह जाता है

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सब कुछ लिख दिया जाने के बाद भी बहुत कुछ लिखने को बचा रह जाता है। हम बिस्कुट भिगो के चाय में खाते ही नहीं इसीलिये वो नामुराद डूबने से बच ...

आज रपट जाएं तो

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आज सबेरे निकले तो साइकिल मारे खुशी के लहराती हुई चल दी। टहलने की खुशी इतनी कि जरा सा पैडल मारते ही सरपट बढ गयी। सामने से स्कूल का बच्चा ...
Sunday, October 22, 2017

नई कार खरीद लो दो मिनट में लखनऊ पहुंच जाओगे

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आज सुबह इतवारी है। शिद्दत से पंकज बाजपेयी याद आये। साइकिल स्टार्ट किये। 'पैडल स्टीरियिंग' दबाते हुए पहुंच गए ठीहे पर । बीच का तमा...

घोड़े, नाल और एल्गिन मिल

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पंकज बाजपेयी से मुलाकात करके लौटे डिप्टी का पडाव की तरफ़ से। तिराहे से घंटाघर की तरफ़ बढे तो एक जगह कुछ घोड़े दीवार के पास खड़े थे। दीवार पर ...
Friday, October 20, 2017

असली नाम बताएं कि नकली

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सबेरे निकले । नजारा नया था। आज बन्दर धमाचौकड़ी नहीं मचा रहे थे। बन्दरहाव से मुक्त बगीचा, सड़क और आसपास। बंदर लगता है पटाखे के डर से इधर-उधर...

वो दारू नहीं नहीं गांजा पीते हैं

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इसके पहले का किस्सा बांचने के लिये इधर पहुंचे  https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10212805174417651 शुक्लागंज पुल पार करके ब...
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