Monday, January 09, 2017

पुलिया की दुनिया का विमोचन


कल से दिल्ली में विश्वपुस्तक मेला शुरु हो गया। तमाम कवि/लेखक/व्यंग्यकार अपनी नई किताब का विमोचन, नये संस्करण का पु्नर्विमोचन करवाने के लिये दिल्ली पहुंचेंगे प्रगतिमैदान। ख्यातनाम लोग मित्रों की किताबों का विमोचन करेंगे। उन सबको बधाई। शुभकामनायें।
विमोचन के लिहाज से देखा जाये तो मेरी पहली किताब ’पुलिया पर दुनिया’ का विमोचन अनूठे ठंग से हुआ था। जिस पुलिया पर बैठने वाले किरदारों के किस्से इस किताब में हैं उसी पर इसका विमोचन हुआ था। मतलब घटनास्थल पर ही।
किताब के विमोचनकर्ता थे ’पुलिया पर दुनिया’ के सबसे प्रमुख किरदार ’रामफ़ल’। जाड़े की एक धूपभरी दोपहरी में पुलिया पर गये अपन किताब लेकर। ’रामफ़ल’ को किताब पकड़ाई। कहा ये देखो किताब बनी ऐसी। फ़िर उनको विमोचन मुद्रा में किताब पकड़ाई। फ़ोटो खींची और बस हो गया विमोचन। थर्मस में चाय ले गये थे। डिस्पोजेबल ग्लास भी। वहीं चाय पी गयी और चले आये।
किताब आम लोगों के बारे में है। इसके परिचय लिखते हुये मैंने लिखा था:
" व्हीकल फ़ैक्ट्री जबलपुर की आफ़ीसर्स मेस और फ़ैक्ट्री के बीच बनी एक पुलिया पर बैठे लोगों के विवरण हैं इस किताब में। तरह-तरह के लोग दिखे पुलिया पर। हर व्यक्ति अपने में एक अलग किरदार है। पुलिया पर बैठे लोगों से बतियाते हुये एहसास होता है कि आपाधापी भरी जिन्दगी जीते हुये हम अपने आसपास की दुनिया से कितना अपरिचित रह जाते हैं।
“पुलिया पर दुनिया” आम लोगों की रोजमर्रा की जिन्दगी का रोजनामचा है। इसकी खासियत यही है कि कोई खास व्यक्ति इसमें शामिल नहीं है। सब आम लोगों के किस्से हैं।"
किताब की कोई समीक्षा तो नहीं छपी। लेकिन आनलाइन गाथा पर कुछ पाठकों की प्रतिक्रियायें हैं। जैसे कि ये:
1. Akanksha Verma
i take this book for my father. after reading this book my father said that this book really touch his past, when he enjoy with friends at tea shop in evening. I am very happy to see my father happy.
2. Sonu Singh
ha ha ha, nice book. what we do today, we didn't meet with our friends and not sharing our feeling. This book realize me what is the importance of people in our life.
किताब आनलाइन उपलब्ध है। ई-बुक और पेपरबैक दोनों फ़ार्मैट में। खरीदने का मन करे तो इस लिंक पर जाकर आर्डर कर सकते हैं।
इस तरह हमारा भी पुस्तक मेला शुरु हो गया। 
व्हीकल फ़ैक्ट्री जबलपुर की आफ़ीसर्स मेस और फ़ैक्ट्री के बीच बनी
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