कल स्विमिंग पूल जाते समय सड़क पर एक बुजुर्ग दिखे। जिस तरह लोग, अधिकतर युवा, रास्ते में चलते हुए मोबाइल देखते रहते हैं। उसी तरह बुजुर्गवार सड़क पर अखबार पढ़ते चले जा रहे थे। वे पुराने जमाने के युवा थे। शायद भूतपूर्व जेन जी घराने के।
उनको अखबार पढ़ते देख सोचा कि क्या अख़बार में हमारी कालोनी में बिजली का वोल्टेज कम होने की खबर छपी होगी।
सुबह घर का वोल्टेज बहुत कम था। इन्वर्टर चिंचिया रहा था। चार्जिंग वाला बटन बंद था। मोबाइल से फ़ोटो खींचकर पूछा AI से - ‘इसका क्या मतलब है?’
AI ने बताया कि बिजली का लफड़ा है। या तो कनेक्शन गड़बड़ है या सप्लाई।
आजकल AI का इतना दख़ल हो गया है कि हम हर चीज उसी से पूछते हैं। अपनी जानकारी और संवेदना पर भरोसा कम होता जा रहा है। बड़ी बात नहीं कि कल को दर्द होने पर हम अपनी फ़ोटो अपलोड करके AI से पूछें -‘ बताओ भाई AI माजरा क्या है ?’
इन्वर्टर की बैटरी में पानी भरना भी बहुत दिन से बाक़ी था। हमें लगा क्या पता इसका भी असर हो चार्जिंग न होने में। पानी भरा बैटरी के सब खानों में। पानी के डब्बे से गिलसिया में डालकर बैट्री में भरा पानी। सारे खाने ऊपर तक भर दिए। घर के दूसरे कई पावर प्वाइंट भी चल नहीं रहे थे। माइक्रोवेव , पंप। वोल्टेज कम होने की बात पड़ोसी के फ़ोन से भी कन्फ़र्म हुई। बात का खात्मा इस शाश्वत संवाद से हुआ -‘ जब लखनऊ में यह हाल हैं तो बाक़ी जगह क्या होगा?’
हम अपने कालोनी में लो वोल्टेज की खबर अख़बार में होने की सोच रहे थे। कितनी मासूमियत।
लौटकर अख़बार ने एक प्रापर्टी डीलर की हत्या की खबर पढ़ी। उसके ड्राइवर ने ही उसका अपहरण करके हत्यारों को बुलाया। उन लोगों ने अपना काम पूरा किया। अब पुलिस अपना काम कर रही है।
चंदा चोरी, एथनॉल पेट्रोल और दीगर घपलों की ख़बरें दम तोड़ चुकी थीं। नेपाल बाढ़ की विभीषिका अभी भी अख़बार में पसरी थी। कुछ लोगों के बाल-बाल बचने की कुछ कहानियाँ भी।
स्विमिंग पूल में सुबह के बैच ने हम अकेले थे। उतरकर तैरने लगे। दस मीटर चौड़ाई आराम से तैरे। फिर 13 मीटर लम्बाई भी तय की। इसके बाद लम्बाई और चौड़ाई एक साथ तय की। लम्बाई पार करने के बाद शरीर की गाड़ी तैरते हुए चौड़ाई की तरफ़ घुमा दी। क़रीब बीस मीटर दूरी तय की। RML पूल खुला होता तो उसकी पच्चीस मीटर चौड़ाई पार करते।
घंटा पूरा होने के पहले पूल के एक कोने से दूसरे कोने तैरते हुए आए। पूल के विकर्ण पर तैरते हुए। डायगोनिकली अपोजिट।आराम से तैर लिए। तैरने में अब कोई समस्या नहीं। बस स्टेमिना बनाना है। हाथ और पांव के बीच तालमेल ठीक करना है। कुछ दिन में यह भी हो जाएगा।
वीडियो पूल के बीच तैरते हुए। 👇 तैरना सीखने के साथ-साथ रील बनाना भी सीख रहे हैं।
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