| तिराहे पर जली खड़ी कार |
आज सुबह तैराकी के लिए जाते हुए तिराहे पर एक कार दिखी। पूरी जली हुई। गाड़ी क्या, गाड़ी का कंकाल था। कोई पास नहीं था उसके। एकदम सन्नाटे में खड़ी थी कार। ऐसे जैसे किसी से गुस्सा होकर कार ने अपने सारे कपड़े उतार दिए हों। हर खिड़की टूटी। हर अंग खुला।
सुबह स्वीमिंग के लिए जल्दी थी इसलिए चले गए। सोचा लौटकर देखेंगे।
लौटकर कार के पास गए। एकदम तिराहे पर खड़ी थी कार। आसपास के लोगों से पूछा। एक ने बताया -'पता नहीं, लोग बता रहे हैं रात में जली।' दूसरे ने बताया -'रात बारह बजे आग लग गई कार में। पता नहीं कैसे? एक आदमी तीन महिलायें थीं। सब बाहर आ गए थे। बच गए।'
कार के अंदर झांककर देखा सारे अंजर-पंजर जले हुए थे। टायर के जले धागे दिख रहे थे। पीछे से देखा मारुति सुजुकी थी कार। सिलेंडर रखा था डिक्की में। हमें लगा शायद सीएनजी सिलेंडर से आग लगी हो। हमने यह अनुमान लगाया। लेकिन हमारे अनुमान को बगल में खड़े आदमी ने ख़ारिज कर दिया। कहते हुए -'सिलिंडर से आग लगी होती तो ब्लास्ट हो जाता सिलेंडर। सिलिंडर एकदम सुरक्षित है। आग इंजन में लगी । उसी से जली है कार। गनीमत है लोग बच गए।'
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| जली कार के अंदर जले/अधजले आम |
एक और न कन्फ़र्म किया -' एक आदमी कार चला रहा था। आधा बुजुर्ग था। 40-45 की उमर का। दो औरतें थी। एक बच्ची। अचानक कार में आग लग गई। सब लोग नीचे उतर गए। बच गए। पुलिस आई थी। पूछताछ कर रही थी। 2013 की कार है। शायद इंश्योरेंस नहीं था। रहा होगा तो काग़ज़ नहीं थे।'
अंदाजा लगाया लोगों ने कि इंजन गर्म हो गया होगा। कूलेंट/लुब्रिकेंट नहीं रहा होगा। हीट हो गई कार। सुलग गई। जिस जगह जली थी कार उस जगह सड़क भी धंस गई थी।
| कार के पीछे का हिस्सा। सीएनजी का सिलिंडर दिख रहा है। |
कार के फर्श पर खूब सारे आम बिखरे थे। कम से कम दो बोरी रहे होंगे। छोटे-बड़े आम। कुछ जले हुए, कुछ अधजले। उनकी ख़ुशबू फ़िज़ा में जरूर पसरी होगी। जले हुए बेचारे कार में असहाय पड़े हुए थे। कार जली न होती तो किसी के घर काट कर खाये जाते। शाम तक कार ऐसे ही खड़ी रही तिराहे पर। अभी भी खड़ी है। उधर से गुजरने वाले आते-जाते कार के बारे में ज़रूर पूछते दिखते हैं।
कार के जलने का कारण पक्का पता नहीं लेकिन अंदाज़ यही है कि उसकी ठंडा करने की व्यवस्था गड़बड़ा गई होगी। ऑटोमैटिक कारों में तो अलार्म बजते हैं, गाड़ी बताती है कि ये गड़बड़, वो गड़बड़। लेकिन पुराने जमाने की कारें बिना बताये खड़ी हो जाती हैं। जल जाती हैं। उनकी सेहत के बारे में जानकारी के लिए समय-समय पर कार-डॉक्टर से चेकअप कराते रहना चाहिए। पता नहीं कब कार सुलग जाये।
गर्मी भयंकर पड़ रही है। इंसान भी कार की तरह ही है। गर्मी से बचाकर रहना चाहिए। अपना कूलेंट/लुब्रीकेंट चेक करते रहना।

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