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| बेंच पर बैठे लोग |
सबेरे सड़क हाउसफुल लगती है। कुछ लोग सड़क पर इतनीं तेजी से टहलते हैं गोया उनके मन में डर हो कि कहीं सड़क खत्म न हो जाये। मानो सड़क न हुई कोई कुछ देरी की वैलिडिटी वाला ओटीपी हो जिसका उपयोग न होने पर वह खल्लास हो जाएगा।
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| बेंच पर बैठे लोग |
सबेरे सड़क हाउसफुल लगती है। कुछ लोग सड़क पर इतनीं तेजी से टहलते हैं गोया उनके मन में डर हो कि कहीं सड़क खत्म न हो जाये। मानो सड़क न हुई कोई कुछ देरी की वैलिडिटी वाला ओटीपी हो जिसका उपयोग न होने पर वह खल्लास हो जाएगा।
1. विश्वास जितना पक्का होता है, उसके टूटने में उतना ही दर्द होता है।
[नवभारत टाइम्स में आज। लेख जो हमने भेजा था उससे कई गुना बेहतर होकर छपा। सम्पादन के लिए नवभारत टाइम्स के राहुल का आभार। Chandra Bhushan जी का शुक्रिया जिनको लगा कि मैं परसाई जी पर लिख सकता हूँ।]
https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10220592791343207
1. जिन सवालों के जबाब तकलीफ़ दें उन्हें टालने से आदमी सुखी रहता है।
1. नालायक समझे जाने वाले पति की, गरीब मां-बाप वाली पत्नी तिरस्कार ही तो पाती है।
1. मेरा अन्दाज है, इस समय देश में राजनीति के क्षेत्र में लगभग पांच हजार चमचे काम कर रहे हैं। ये प्रधान चमचे हैं। फ़िर इनके स्थानीय स्तर के उपचमचे और अतिरिक्त चमचे होते हैं। ये सब हीनता , मुफ़्तखोरी, लाभ और कुछ वफ़ादारी की ओर से अपने नेता से बंधे होते हैं। इनमें गजब की अनुशासन-भावना होती है। अगर किसी उपचमचे को जनपद को जनपद की सीट का टिकट चाहिये तो वह सीधा नेता के पास नहीं जायेगा। वह प्रधान चमचे से कहेगा और प्रधान चमचा नेता से बात करके उसका काम करायेगा।
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बहुत दिन बाद सड़क पर निकले। जंगल में ठहरे लोग रात में जंगली जानवरों के डर से रेस्ट हाउस से बहुत दूर नहीं जाते। हम भी कोरोना के डर से बाहर निकलते झिझकते हैं। निकलते भी हैं तो मास्क पहन कर जैसे कि जंगल में शिकारी निकलते समय बंदूक ले लेते होंगे।
1. वैष्णव बेखटके गबन कर सकता है, चोरी कर सकता है, काला पैसा जमा कर सकता है।
https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10220557289535684
https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10220550416123853
1.हारा हुआ राजा रनिवास में जाता था, हारा हुआ नेता आध्यात्म में जाता है।