Thursday, March 19, 2026

खबरों में गैस की किल्लत के समाचार


 आजकल अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध के चलते गैस की किल्लत की खबरें आ रहीं हैं। कुछ लोग इसे बकवास भी बता रहे हैं। दैनिक हिन्दुस्तान के लखनऊ संस्करण के दिनांक 19 मार्च, 2026 के पेज 6 से संकलित गैस समाचार इस प्रकार दिखे :

-माँ की अंतिम रस्मों में भी गैस के लिए जूझा बेटा।
-सिलेंडर मिला तो गैस कम निकली, झेली परेशानी।
-मैन्युअल बुकिंग न होने से परेशानी।
-धैर्य के लिए धन्यवाद मेसेज बढ़ा रहा दर्द।
-1600 का कामर्शियल सिलेंडर 2600 में मिल रहा।
-45 दिन की गई ग्रामीण इलाकों की समय सीमा।
-अरे ! बुक हो जाती तो यहाँ क्यों आते?
-रिक्शा हो या साइकिल, सबकी एक ही दौड़।
-एजेंसी का दफ्तर खुलने से पहले ही लगी लंबी कतार।
-उज्ज्वला कनेक्शन धारक भी हलकान।
-कब बदलेंगे हालात।
-मोबाइल टूट गया तो कहाँ से लायें ओटीपी?
-बढ़ी माँग के लिहाज़ से नहीं आ रहे सिलेंडर, गैस एजेंसियों का कोटा भी कम होने से मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं की जा रही।
- रोजाना 7500 सिलेण्डरों की कमी, बढ़ते बैकलॉग ने बधाई परेशानी।
-15 हज़ार से अधिक ख़ान-पान दुकानें घरेलू सिलेंडरों पर चल रहीं।
-एजेंसी की लगाते रहे दौड़ और अब लटका मिला ताला।
-रसीद निकलवाने को एजेंसी दौड़ाया।
-आठवें दिन भी लोग ख़ाली हाथ लौटे।
-शेल्टर होम में लकड़ी के चूल्हे पर बना रहे खाना।
कानपुर और पटना के संस्करण में गैस की किल्लत के समाचार बहुत कम हैं। अलबत्ता आगरा संस्करण में ये समाचार दिखे :
-सभी की जेब पर भारी पड़ रही एलपीजी की कालाबाजारी।
-बुकिंग के सापेक्ष अब 94 प्रतिशत हुई गैस आपूर्ति।
-पूर्ति विभाग की टीम ने छापा मारकर 47 सिलेंडर जब्त किए।
-घर पर आनलाइन खाना मंगवाने पर लग सकता है ब्रेक।
-चूल्हा और लकड़ी लेकर कलेक्ट्रेट पर बैठी महिलायें।
दिल्ली संस्करण में गैस समाचार :
-भंडारों पर नहीं दिखेगा रसोई गैस की कमी का असर।
-करोड़ों का कारोबार प्रभावित ।
-अवैध गैस रिफ़िलिंग का भंडाफोड़।
बाक़ी संस्करणों में भी गैस की समस्या का जिक्र एकाध हेडिंग में है। लेकिन उसमें आमलोगों के बयान और आम लोगों की परेशानियों का जिक्र नहीं है। एक ही अखबार के अलग संस्करणों में एक ही समस्या का कवरेज अलग-अलग तरह हुआ है।
अलबत्ता सभी संस्करणों के मुखपृष्ठ पर मोटे शब्दों में योगी सरकार के नौ साल पूरे होने की खबर एक ही हेडिंग में है :
"यूपी में कोई भय नहीं -योगी।"
शायद मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश गए होंगे -खबर की हेडिंग यही होनी चाहिए। इसी रूप में छपनी चाहिए।
क्या पता लखनऊ के संपादक को कहीं से कोई फ़ोन आए -'तुमको बहुत गैस की समस्या हो रही है। किसी गैस के डॉक्टर से इलाज कराओ।'

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