होली के मौके पर टाइटल देने की परम्परा है। टाइटल के बहाने मौज लेने का रिवाज। इस बार अभी तक Arvind Tiwari जी, Subhash Chander जी और Arun Arnaw Khare जी ने टाइटल दिए हैं। सौ के क़रीब लोगों नाम याद रखना, उनके लिए सटीक टाइटिल सोचना और लिखना बड़ी मेहनत का काम है। इसके लिए अरविंद तिवारी जी, सुभाष चंदर जी और अरुण अर्णव खरे जी बधाई के हकदार हैं।
अरविंद तिवारी जी ने टाइटल देने के अपनी पोस्ट में टाइटल देने के अलावा कुछ वीआईपी टाइटिल अपने जनसंदेश वाले लेख में भी दिए हैं। तीन लोगों द्वारा दिए टाइटल में व्यंग्य से जुड़े लगभग सभी लोगों के लिए टाइटल की व्यवस्था की गई है। जिनको अपना टाइटल न दिखे वो अपने लिए टाइटल की माँग कर सकता है।
मुझे अभी तक ये टाइटल मिले हैं :
1. चार दिन की यात्रा, अस्सी पोस्ट
(अरविंद तिवारी जी द्वारा दिया टाइटल)
2. नुक्कड़ पर साइकिल
(सुभाष चंदर जी द्वारा दिया टाइटल)
3. चलते चलते सड़क पर, काटें खूब बबाल,
खाते में दर्ज हैं सैंकड़ों, सूरज की मिस कॉल।
(अरुण अर्णव खरे जी द्वारा दिया टाइटल)
और टाइटल किसी ने दिए होंगे तो उनको भी लगा देगें। आप बताइए कि इनमें मेरे लिए सबसे सटीक टाइटल आपको कौन सा लगा। आप अगर लिए कोई टाइटल सोचते हैं तो वो भी बतायें। हम उन टाइटल को पोस्ट में अपडेट कर देंगे। धन्यवाद अग्रिम दे रहे हैं।
यहाँ फ़ोटो अभी तक मिले टाइटल के भाव मिलाकर बनाया गया है। बताइए कैसा लगा?
आप सभी को सपरिवार होली की शुभकामनाएँ।
टाइटल अपडेट :
1. पहिया, प्रवासी और पंचायती- Pankaj Sharma
2. कलम रुकी नहीं,
राहों में कितने हुए बबाल
सांझ ढले देखा तो पडी थी
सूरज की मिस्ड कॉल.... -Anamika Soni
3. टहलते, घूमते, बतियाते, जगे जब सुबह की धूप।
फोटो भी खींचते, लिखते तो हैं ही खूब "अनूप"।
-@राम सागर
4. फुर्सतिया को अभी फुर्सत नहीं- Nirupma Ashok
5. दुनिया देखो मेरी नजर से- Ashok Verma
6. फुरसतिया अपडेट हुये टू कट्टा कानपुरी,
नाप लेंगे पूरा देश करके सायकलहि की सवारी।
7. दुनिया के तिराहे पर आई सूरज की मिस्ड कॉल
साइकिल के पहिए चल पड़े जाने किस ठौर।।
- डॉक्टर Manisha Verma
8. व्यंग्यकार, व्यंग्य लाया!
श्रोताओं और पाठकों की तलाश में!
https://www.facebook.com/share/p/1Aohwzr8GH/

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