Friday, September 11, 2026

अपन यहीं मजे में हैं

 


आजकल सोशल मीडिया पर 1980 की फ़ोटो लगाने की होड़ मची है। तमाम मित्र ‘ मी टू’ वाले अंदाज़ में अपनी 46 साल पुरानी फ़ोटो लगा रहे हैं। जिनके पास नहीं है 1980 वाली वे AI का उपयोग करके उस समय के लुक की फ़ोटो पोस्ट कर रहे हैं।

इस ट्रेंड की शुरूआत का कारण पता करने पर मालूम हुआ कि चैटजीपीटी पुरानी फ़ोटो बना लेता है इसलिए यह ट्रेंड शुरू हो गया। इससे एक बार फिर साबित हुआ कि चीजें या सेवाएं अपना उपयोग कराती हैं। चैट जीपीटी से फ़ौरन पुरानी फ़ोटो बनाने का जुगाड़ आ गया तो इसका चलन शुरू हो गया। 1980 की जगह कोई और साल भी हो सकता है।
दुनिया की आबादी के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि 5.2 अरब लोग 1980 के बाद पैदा हुए। यह आबादी दुनिया की कुल आबादी का 63% है। मतलब आज के समय में जो लोग 1980 में भी मौजूद रहे होंगे वे दुनिया की कुल आबादी का 37% ही हैं। प्रतिशत के हिसाब से गांधी डिवीजन से कुछ ही ऊपर। एक तिहाई आबादी की फ़ोटुएँ सोशल मीडिया पर कब्ज़ा किए हुए हैं। कम आवादी बड़ी आबादी पर हाबी है।
सोशल मीडिया का यह चोचला ‘ समय बिताने के लिए, करना है कुछ काम’ घराने का है। देश के तमाम जनप्रतिनिधि तरह-तरह के चिरकुट, जाहिल बयान देकर आम जनता को बहस में उलझाए रहते हैं और उल्लू और उल्लू का पट्ठा दोनों सीधा करते रहते हैं। उसी तरह सोशल मीडिया भी अपने उपयोग कर्ताओं की व्यस्त रखने का झुनझुना थमाए रखता है। लोग उसे बजाते रहते हैं।
पहले भी कई ट्रेंड चलते रहे हैं- बिना मेकअप की फोटो, साड़ी में फोटो , स्कूल की फोटो , कॉलेज की फोटो, जीवन साथी के साथ फोटो, परिवार की फोटो। ये ट्रेड भी OTP की तरह होते हैं। हफ़्ते-दस दिन में ख़त्म हो जाते हैं। पुराना ट्रेंड ख़त्म होता, कुछ दिन में नया आता है। ट्रेंड ही ट्रेंड - अमल तो करें।
दोस्तों के फ़ोटो देखकर अपन ने भी चैट जी पी टी से अनुरोध किया कि हमारी 1980 की फ़ोटो बना दे। हमने अपनी प्रोफाइल फ़ोटो अपलोड की। चैट जीपीटी ने जो फ़ोटो बनाई वह काम भर की आवारगी वाली थी। किसी लफ़ंगे जैसी।उससे बढ़िया तो प्रोफाइल फ़ोटो ही सही। इसलिए हमने उसे लगाया नहीं। आप अपने हिसाब से कल्पना कर लीजिए।
1980 में हम कैसे लगते थे यह देखने-दिखाने से 46 साल पीछे तो जा नहीं पाएंगे। अपन यहीं मजे में हैं।

फेसबुक पर इसे पढ़ने के लिए यहाँ आयें।

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