“सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल” कभी घूमने का मंत्र था। अब भी है। आगे भी रहेगा। घूमने का चलन बढ़ रहा है आजकल अपने यहाँ भी। लोग घूमने के लिए अलग-अलग कारणों से निकल रहे हैं। आज के ‘दैनिक हिंदुस्तान’ में एक सर्वे के बाद कुछ कारण बताये गए हैं। इनमें से कुछ हैं :
- घूमने निकले क्योंकि घूमने का मन था।
- जीवन से जुड़ी किसी घटना का उत्सव मनाने के लिए।
- 35% लोग अपने पार्टनर से झगड़े या ब्रेक अप के बाद निकल लिए।
-46% लोग घर में शोर या पड़ोसी से बचने के लिए निकले।
- 50% लोग सामाजिक जिम्मेदारी से बचने के लिए निकले।
-रूटीन से ब्रेक के लिए भी लोग घूमने निकले।
कुछ मजेदार कारण भी बताये लोगों ने। इनमे ससुराल वालों के घर आ जाने या घर में काम करने वाली महिला या ड्राइवर के छुट्टी पर चले जाने को भी घूमने निकलने का कारण बताया।
24% लोग तो इसलिए घूमने निकले कि क्योंकि उनको डॉक्टर ने विटामिन डी लेने की सलाह दी थी। इसलिए वे समुद्र किनारे छुट्टी मनाने गए।
मेरे बेटे अनन्य का तो कहना है कि घूमने के लिए कोई वजह जरूरी नहीं। बिना वजह घूमने निकल लेना चाहिए। उसका एक गाने का शीर्षक भी इसी नाम से है। बाद में यही गाना उसकी ‘ ट्रेवल कंपनी’ का नाम बना। गाने और कंपनी के लिंक टिप्पणी में।
आप किस वजह से घूमने जाते हैं? कौन सा कारण होता है जिसके कारण आप निकल लेते हैं घूमने?

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