Saturday, December 13, 2025

धुरंधर फ़िल्म


 

देश के तमाम टीवी चैनलों के एंकर यह बताने में हलकान हैं धुरंधर फ़िल्म को देखकर पाकिस्तानी लोग हलकान हैं। ग़ज़ब बेइज्जती ख़राब हो रही है इस फ़िल्म से। कुछ एंकरों का अंदाज़-ए-बयाँ देखकर लग रहा है कि फ़िल्म ने पाकिस्तान के फ़िल्मी हल्के में सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है।

यूट्यूबर तरह-तरह से यह बताने में लगे हैं कि इस फ़िल्म को देखकर कुछ लोगों को मिर्ची क्यों लगी है। कुछ लोग अपने एजेंडे के हिसाब से इसमें अपना एजेंडे देखने वालों की आलोचना कर रहे हैं।
खबरों के अनुसार फ़िल्म ने अब तक 210 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। आन लाइन टिकट बेचने वाली साइट बुक माई शो के अनुसार फ़िल्म के सबसे कम टिकट के दाम 220 रुपए हैं। मतलब लगभग एक करोड़ से कम लोगों ने अब तक फ़िल्म देखी। मतलब देश की आबादी (146 करोड़) के लगभग 0.7 प्रतिशत ने अब तक देखी होगी फ़िल्म।
यह तब है शहरों के लगभग हर मल्टीप्लेक्स में धुरंधर फ़िल्म लगी है। कोई विकल्प नहीं है धुरंधर फ़िल्म के अलावा कोई और फ़िल्म के देखने। अगर आप फ़िल्म देखने जाते हैं तो झक मारकर धुरंधर ही देखना होगा। कोई दूसरी फ़िल्म भी चल रही होती तो शायद मामला अलग होता।
देश के 5000 से अधिक मल्टीप्लेक्स में रिलीज हुई है फ़िल्म। मतलब औसतन हर मल्टीप्लेक्स में 2000 लोगों ने देखी यह फ़िल्म अब तक। आठ दिन का हिसाब लगायें तो प्रतिदिन 250 लोगों ने प्रतिदिन हर मल्टीप्लेक्स में यह फ़िल्म देखी। दिन में पाँच शो लगा लें तो औसतन 50 लोगों ने देखी होगी फ़िल्म हर शो में। एक हाल में पचास लोग फ़िल्म देखने वाले हैं तो क्या बड़ी बात है?
इंटरनेट की जानकारी के अनुसार हाल के वर्षों में सबसे अधिक कमाई करने वाली फ़िल्म दंगल( 2016) बताई गई है। दंगल ने 2000 करोड़ की कमाई की थी। देखना है धुरंधर कितनी कमाई तक पहुंचती है।
फ़िल्म की कहानी में पाकिस्तानी गैंगस्टर, हिंदुस्तानी जासूसी, सेना के लोग, मुंबई हमला और वो तमाम घटनायें शामिल हैं जिनको देखकर देशभक्त लोगों को खून खौल उठता है और पाकिस्तानी लोगों को ठिकाने लगाने के बाद ख़ुशी का एहसास होता है। इसी बहाने अपने देश की तमाम समस्याएं थोड़ी देर के लिए किनारे हो जाती हैं।
हमने तो देखी नहीं है फ़िल्म। देखी नहीं इसीलिए इसके बारे में लिख रहे हैं। सिनेमा हाल में जाकर देखने का मन भी नहीं है। आपने देखी है क्या? कैसी लगी?

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