Monday, December 22, 2025

श्रीलंका दौरे के यात्रा वृत्तांत



 आजकल नए घर को व्यवस्थित करने में लगे हैं। तमाम काम करने हैं। हमारी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ इतनी है कि हम किसी काम में दखल न दें। उसे हम बखूबी निभा रहे हैं। बिना किसी हील -हुज्जत के।

इस बीच कल साइकिल ने शिकायत की। आठ महीने से लाइन हाजिर जैसी खड़ी है। हवा निकल गई। चेहरा बिना किसी पोर्टफोलियो के सांसद की तरह लटक गया है । दो दिन पहले हवा भरने का पंप लेकर आए। 140 रुपए का मिला । हवा भी भर ली। साइकिल खुश हो गई। उसको लगा उसके दिन बहुरेंगे। लेकिन दो दिन हुए अभी उसका चलने का मौक़ा नहीं आया। जाड़ा पड़ रहा है। उसकी भी इज्जत करना जरूरी है। आज तो कोहरा भी ज़ोरदार हो गया। प्रदूषण भी है।
कोहरा और प्रदूषण 'हैंड्स इन ग्लोब्स' टाइप हो गया है। नेता-अपराधी गठजोड़ की तरह। नेता कौन, अपराधी कौन ये आप तय करें। किसका जलवा ज़्यादा है कहना मुश्किल। दोनों के ही अपन आदी हो गए हैं। किसी को क्या दोष दें?
इस बीच अपनी किताबें छाँटने का काम करने की सोचते रहे। कुछ किताबों में काफ़ी पहले दीमक लग गई थी। दीमक सब मर गई हैं। उनके खंडहर बचें हैं। क्या पता दीमकों का भी इतिहास होता है कि नहीं। उनके यहाँ भी गड़े मुर्दे उखाड़ने का चलन है कि नहीं। उनके यहाँ भी नामों के बदलने का चलन है या ऐसे ही काम चलता है। उनके यहाँ शासन व्यवस्था कैसी है -प्रधानमंत्री होता है राष्ट्रपति। कुछ पता नहीं।
पहले सोचा था कि दीमक खाई किताबों को हटा देंगे। लेकिन फिर लगा कि ऐसे तो फिर बहुत किताबें छँट जाएँगीं । उनमें कुछ जरूरी और दुर्लभ टाइप किताबें भी हैं। अगर हटायेंगे तो वो किताबें फिर कहाँ से लायेंगे। दीमक खाई किताबों को हटाना राजनीति से दागी राजनेताओं को हटाने से कम जटिल दुसाध्य काम नहीं है। फिर तय किया पिछले आठ महीनों में दीमकों ने किताबें नहीं खायीं तो अब क्या खायेंगी? दीमकें इस मामले में इंसानों से अलग होती हैं। मर जाने पर दुबारा जीवित होकर किताबें नहीं खातीं। इंसानों की फ़ितरत अलग होती है। उनमें दशकों/सदियों पहले नायक, खलनायक भी बवाल काटते रहते हैं।
इस बीच साल भी विदा होने के लिए अड़ा हुआ है। कह रहा है अब हम भी चलेंगे। जो लेखा-जोखा करना हो फटाक से कर लीजिए। रिजोल्यूशन -फ़िजोल्यूश्न लेना हो ले लो। कुछ यूनीक टाइप का लेना हो तो ले लो। वरना कोई और ले लेगा तो टापते रहोगे। हमने बीतते साल की बात को कोई तवज्जो नहीं दी। नौ दिन का मेहमान है।नौ दिन बाद कोई पूछेगा नहीं। बदल जाएगा कैलेंडर की तरह।
उधर स्पेनिश सीखने वाला एप ड्यूलिंगों अलग ग़दर काटे है। रूठी हुई प्रेमिका की तरह रोज ताने मारता है। Nobody ignores me for long से लेकर लगता है अब स्पेनिश सीखने में रुचि नहीं रही जैसे डायलॉग। अब फिर से अभ्यास शुरू करना है। इस साल उर्दू का क़ायदा सीख गए थे। लेकिन अभ्यास छूट गया। सारे अक्षर -'अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो' टाइप लगने लगे। अब फिर से क़ायदे से क़ायदा सीखना है।
पिछली पोस्ट में बेटे Anany की बनाई रील से संबंधित पोस्ट पर आई टिप्पणियां भी जबाब देने के लिए हैं। ज्यादा टिप्पणियाँ हो जाती हैं तो उनपर प्रतिक्रिया देना रह जाता है। बेटे की रील इंस्टाग्राम पर थी। कुछ मित्रों के खाते इंस्टाग्राम पर नहीं है। उनकी सुविधा के लिए बेटे का बनाया वीडियो अलग से पोस्ट कर रहे हैं। ठीक है न?
फोटो श्रीलंका के दौरे में खींची गई सुमन के साथ। इस साल की यादगार फोटो में से एक। फोटो अनन्य ने खीचीं थी।
श्रीलंका दौरे के यात्रा वृत्तांत पर अगर किताब बनायें तो उसका शीर्षक क्या रखें? आप सुझायें।

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