अप्रैल में वियतनाम जाना हुआ था। हफ़्ते भर का टूर था। टूर में हो-ची-मिन्ह शामिल नहीं था। उसको देखने के लिए हम टूर के बाद रुके।
यात्रा के दौरान हम हनोई, दानांग और बाद में हो-ची-मिन्ह गए। दानांग में बुद्ध मंदिर देखने गए। दानांग में सोन ट्रा प्रायद्वीप (Son Tra Peninsula) स्थित बुद्ध मंदिर देखने के बाद हम पास ही स्थिति मार्बल माउंटेंस देखने गए।
मार्बल माउंटेंस दानांग शहर के दक्षिण में Ngũ Hành Snh जिले में स्थित पांच संगमरमर और चूना पत्थर की पहाड़ियों का एक समूह है । पांच पर्वतों का नाम पांच तत्वों के नाम पर रखा गया है: किम (धातु), थ्यू (पानी), मैक (लकड़ी), होआ (अग्नि) और थू (पृथ्वी)। क्षिति, जल, पावक, गगन समीरा जैसे ही कुछ।
ये पहाड़ मुख्य रूप से चूना पत्थर (Limestone) और संगमरमर (Marble) से बने हैं। भूवैज्ञानिकों (Geologists) के अनुसार, करोड़ों वर्ष पहले यह पूरा क्षेत्र कभी समुद्र के नीचे था। पृथ्वी की सतह में हुए भौगोलिक बदलावों और हलचल के कारण ये पहाड़ धीरे-धीरे समुद्र तल से ऊपर उठ गए।
मार्बल माउंटेन स्थित ये पर्वत लाखों वर्ष पुराने हैं। स्थानीय चाम लोककथाओं के अनुसार, माना जाता है कि एक विशाल अजगर ने समुद्र तट पर आकर 5 अंडे दिए थे। उन अंडों के फूटने के बाद उनके छिलकों से इन 5 पहाड़ों का निर्माण हुआ।
मार्बल माउंटेन में प्रवेश करते ही लिखा मिला -'क्वान थे अम उत्सव 2026 , मार्बल माउंटेन में आपका स्वागत है।'
क्वान थे अम उत्सव के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि क्वान थे अम (जिन्हें हम 'लेडी बुद्धा' या करुणा की देवी कहते हैं) के सम्मान में मनाया जाने वाला वियतनाम का बहुत बड़ा बौद्ध त्योहार है।
पहाड़ पर स्थित इन गुफ़ाओं में अलग-अलग तरह की मुद्राओं में प्रतिमाएँ बनीं थीं। अधिकतर बुद्ध भगवान की। ऊँचे-नीचे रास्ते में कहीं जीने तो कहीं चढ़ाई चढ़कर किसी गुफा में कोई प्रतिमा दिखती। उसके बारे में वहाँ लिखा होता। सैकड़ों सालों पहले की किसी प्रतिमा को देखते, उसके बारे में पढ़ते और आगे बढ़ जाते। कई गुफ़ाएँ देखीं और उनके बारे में पढ़ा। आगे बढ़ गए।
कुछ गुफ़ाएँ के लिए रास्ता ज़्यादा चढ़ाई वाला था। हम में से कोई उनको देखने के लिए उत्सुक नहीं था। लाखों साल पहले बने पहाड़ पर स्थित सैकड़ों साल पहले बनी इन गुफाओं को करीब घंटे भर में देखकर हम बाहर आ गए।
मार्बल माउंटेन से नीचे सड़क का ट्रैफ़िक देखा गाड़ियाँ अनुशासित तरीके से सड़क पर चली जा रहीं। वे इस बात से बेपरवाह थीं कि उनको कोई ऊपर मार्बल माउंटेन से देख रहा है। उनको अपनी मंजिल पर पहुँचने की फ़िक्र थी।
हम लोग भी अपनी मंजिल के लिए चल दिए।
वियतनाम डायरी के बाक़ी किस्से यहाँ पढ़ सकते हैं : https://www.facebook.com/share/p/1JVyU7xyjG/
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