Tuesday, August 25, 2026

पैर का मूवमेंट ठीक करना है

 कल हमारा पूल बंद था। दूसरे पूल में गए स्विमिंग के लिए। स्प्लैश पूल अकादमी। छोटा पूल है। घरेलू टाइप। पहले भी एक बार जा चुके हैं यहाँ। दो घंटे लगातार तैरे थे।

भुगतान के लिए मोबाइल साथ ले गए थे। पैसा जमा किया। एक घंटे के दो सौ रुपए। मोबाइल बैग में रखकर पूल किनारे ले आए। तैरते हुए वीडियो बनवाने की मंशा से।
पूल में उतरने पर पहले दो बारे में पूल की चौड़ाई पार की। छह मीटर चौड़ाई दो बारे में। फिर अभ्यास के बाद एक बार में इधर से उधर पहुँचे।
कोच अभिषेक ने बताया कि पैर का मूवमेंट ठीक करना है। तैरते समय पैर हेलीकॉप्टर के पिछले पंखे की तरह ऊपर उठे रहते हैं। हेलीकॉप्टर का पंखा उसके संतुलन के लिए होता है। हमारे पैर हमारी तैराकी में बाधा बने हुए थे।
इसके बाद पैर के ठीक मूवमेंट का अभ्यास किया। पैर मेंढक की तरह चलाये। उसको देखकर अभिषेक ने बताया -‘ हाँ अब ठीक है।’
घंटे भर की तैराकी के बाद बाहर आए। अभिषेक ने कल से पूल बंद हो जाएगा। अगले सीजन में खुलेगा। वो वापस अपने गांव लौट जाएगा। गोरखपुर में है उसका घर। पोखर-तालाब में सीखी है तैराकी। अब स्विमिंग में पूल में लोगों को सिखा रहे हैं।
घंटे भर तैरने के बाद पूल से बाहर आए। तब तक पूल की संचालिका भी आ गईं थीं वहाँ। बताया कि उनके घर वाले स्विमिंग से जुड़े हैं। कुशल, नामी तैराक हैं। पहले उनका पूल बड़ा था। फिर आधा करवा दिया। सुरक्षा के लिहाज से। छोटे पूल में निगरानी करना सहज रहता है। आने वाले वर्षों में पूल को 'आल वेदर पूल' बनवाने का प्लान है। तब साल भर खुला रहेगा पूल।
उन्होंने अपने पूल में तैरना सीखे उन बच्चों के फोटो दिखाये जिन्होंने शहर की तैराकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिए और इनाम जीते। अपने गुरुकुल के बच्चों की सफलता की चमक उनके चेहरे पर झलक रही थी।
आज अपने पूल गए तो कोच हितेश ने बताया कि पैर को पेट तक लाकर पीछे ले जाऊँ। इससे किक अच्छा होगा। हमने किया। ग़ज़ब का सुधार दिखा। तैरने में आसानी हुई। सर ऊपर आराम से आया। साँस लेने में आसानी हुई। इसके अलावा तैराकी भी दूर तक हुई।
पहले इस पूल की 12 मीटर की चौड़ाई दो बार में पार कर पाते थे। मतलब क़रीब छह मीटर एक बार में। पुराने पूल के हिसाब से सवा छह मीटर के तैराक थे हम। आज करीब नौ मीटर एक बार में तैरे। आनंद की अनुभूति हुई। जल्दी ही 12 मीटर चौड़ाई तैरकर पार करंगे। इसके बाद लंबाई पर हाथ साफ़ करेंगे।
तैरना सीखना अपने में मजेदार और सुखद अनुभव है। इसके किस्से लिखते रहने का कारण अपने सीखने की रिकार्डिंग करना है। इन किस्सों को पढ़कर कुछ मित्र भी पूल में उतरे हैं। कुछ सीख भी गए। कुछ सीख रहे हैं। अपन भी लगे हैं। सीख ही जाएँगे जल्दी ही।
तैरना सीखने के साथ वीडियो बनाना भी सीख रहे हैं। आज तीन वीडियो और दो फोटो जोड़कर बनाया यह वीडियो। कैसा लगा बताइए?
तैराकी से जुड़ी पोस्ट कैसी लग रही हैं ? क्या आपको भी तैरना सीखने का मन करता है? तैराकी न सही कुछ और सीखने का मन तो ज़रूर करता होगा। शुरू करिए सीखना। कुछ भी सीखिये, सीखते रहिए। मजा आयेगा।

No comments:

Post a Comment