तैराकी सीखते दो महीने हो गए। रोज़ लगता है अब सीख गए। लेकिन रोज़ कोई कमी बता देते हैं कोच।
-अभी सर ठीक से उठ नहीं रहा।
-पानी में नाक से साँस छोड़िए। बाहर मुँह से लीजिए।-- सर थोड़ा और उठाइए।
-साँस छोड़ तो रहे हैं लेकिन ले नहीं रहे है।
- अब ठीक हो रहा है। ऐसे प्रैक्टिस कीजिए।
-अभी बैलेंस नहीं हुआ ठीक। किक ठीक से मारिये।
मेहनत को सफलता की कुंजी मानकर अपन अभ्यास करते रहते हैं। अब पानी से डर खत्म हो गया। पानी में रहना अच्छा लगता है।
मंगलवार को हमारा पूल बंद रहता है। दूसरे पूल जाते हैं। पास ही है। इतवार को तो अपने पूल के अलावा भी उसमें चले गए। डबल अभ्यास हुआ।
वहाँ पूल छोटा है लेकिन कोच अच्छे से सिखाते हैं। देखकर व्यक्तिगत सलाह देते हैं। कोच बालक ने बताया कि आप सर पहले उठा लेते हैं। पानी से पुश बाद में मिलता है। इसलिए साँस आधी ले पाते है। इसके अलावा पैर के मूवमेंट पर ध्यान देना है।
उसने एक्शन करके बताया। हमने उसकी कॉपी करने की कोशिश की। पहले की तरह मूवमेंट हुआ। मतलब ग़लत।
उसने बताया -'यही ठीक करना है आपको।'
इसके अलावा उसने बताया -'आपकी बॉडी स्टिफ है। पानी से दोस्ती में समय लगेगा।'
हाथ के मूवमेंट भी उसे बताए। लेकिन उसके बताये मूवमेंट और वीडियो वाले मूवमेंट में अंतर था। हमने पूछा तो उसने बताया -' कई तरह से करते हैं लोग ब्रेस्ट स्ट्रोक। मैं इस तरह करता हूँ।'
हमने याद कर दिया। मॉक ड्रिल की उसके सामने। उसने पास कर दिया। हमने कई बार अभ्यास किया। सूखे में। पानी के बाहर।
आज मंगलवार को हमारा पूल बंद रहता है। हम उसी दूसरे पूल में गए। पानी बरस रहा था। भीगते हुए गए। रास्ते में एक जगह पुल के नीचे पानी भरा था। उसको साइकिल से मंझाते हुए दिल्ली के मिंटो ब्रिज के पुल की याद की। हर साल उंसके अंडरपास में पानी भरने की ख़बर आती है।
बरसात में कई बच्चे छतरी लगाए स्कूल जा रहे थे। कुछ के छाते उलट गए थे। कुछ लोगों ने ठीक कर लिए थे छाते। कुछ उल्टी छतरी में ही बढ़े चले जा रहे थे।
पूल में पहुँचकर पैसे जमा किए। कोच और मैनेजर चाय-समोसा चाँप रहे थे। हमको भी चाय पिलाई कोच ने। बोला -'चलिए आते है पूल में।'
पूल में उसने फिर से बताया हाथ का मूवमेंट। हमने किया वैसे ही। उसने देखा और बताया सुधार है। इसके बाद उसने कहा -'आपके सारे मूवमेंट ठीक है। बस प्रैक्टिस की जरूरत है। कोआर्डिनेशन होना है। हो जाएगा।'
हमने अभ्यास किया। हमारा तैरते हुए वीडियो बनाया बालक ने। दिखाया। भेज भी दिया हमारे मोबाइल में। हमने देखा -'सर अभी कम उठ रहा है। पैर का मूवमेंट अभी गड़बड़ है। इसलिए तैरते हुए आगे बढ़ने की बजाय कदमताल जैसी करते दिखे।
आप भी देखिए। अभ्यास जारी है। सीख रहे हैं। सीख जायेंगे। जल्द ही। इसी महीने। है न
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