Monday, September 01, 2025

इंडोनेशिया की खबर

 


आज दैनिक भाष्कर अख़बार की एक खबर के अनुसार इंडोनेशिया में भीड़ ने वित्त मंत्री और सांसदों के घर फूंक दिए। खबर के अनुसार इंडोनेशिया में मंहगाई , बेरोजगारी और सांसदों को मिलने वाले ऊँचे भत्तों के ख़िलाफ़ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों में अभी तक पाँच लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने सांसदों के भत्ते में कभी की जायेगी और मंहगी विदेश यात्राओं पर रोक लगेगी।

खबर पढ़कर मुझे सोशल मीडिया पर भूतपूर्व उपराष्ट्रपति महोदय द्वारा अपने पेंशन के लिए अप्लाई करने के समाचार भी ध्यान में आया। Kajal Kumar की पोस्ट में पेंशन का हिसाब इस प्रकार है :
"धनखड़ जी का पेंशन गणित:
उपराष्ट्रपति : ₹2.25 लाख
सांसद : ₹27,500
विधायक : ₹42,000
कुल ~₹3 लाख / माह + गाड़ी, स्टाफ़, हवाई-रेल यात्रा छूट, सुरक्षा, मेडिकल सब मुफ्त।
यानी एक नेता = तीन पेंशन।
कर्मचारी – 35 साल काम करो लेकिन नेता एक दिन भी सदन में बैठ जाए, तो आजीवन पेंशन + सुविधा पक्की।
नेता-रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं और न किसी पढ़ाई लिखाई की ज़रूरत, अनपढ़ चौथी पास भी चलेगा।"
तमाम लोग देश के तमाम दूसरी सेवाओं में पेंशन बंद होने का जिक्र करते हुए लोकसेवकों को मिलने वाली पेशन पर सवाल उठा रहे हैं। विभिन्न सेवाओं के लोग पुरानी पेंशन की बहाली के लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ़ से ऐसा होता दिखता नहीं। राज्य स्तर पर कुछ पार्टियों ने पेंशन बहाली का चुनाव में वादा किया था। पता नहीं ऐसे किसी वादे की क्या स्थिति है?
इंडोनेशिया की खबर का अपने यहाँ क्या असर होता है यह आने वाला समय बताएगा। उनके यहाँ भत्ते और पेंशन की वर्तमान स्थिति के बारे में पता करना है।

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