नोयडा के सेक्टर 50 में पोरवाल जी स्पेशल नैनो समोसा और ब्रेड पकौड़ा की दुकान है। दोपहर बाद खुलती है। भारी भीड़ समोसा लेने के लिए इंतजार करती है। पाँच रुपए का एक समोसा मिलता है।
आज शाम गए समोसा लेने। तीन लोग समोसे बनाने के काम में लगे थे। एक आदमी समोसे तलने के काम में और एक आदमी चटनी पैक करने, लोगों को समोसे देने के काम में लगा था। सामने कम से कम पचीस-तीस लोग समोसे के इंतजार में थे। कुछ लोग वहीं खा रहे थे, कुछ घर -दफ़्तर ले जा रहे थे।
समोसे वाला खाने वालों को तीस रुपए के छह समोसे के हिसाब से चटनी और अपना मसाला डालकर दे रहा था। छह समोसे एक प्लेट में रखकर एक बड़ी चाकू से सारे समोसे एक बार में बीच से काटकर उसमें चटनी डालकर दे रहा था बालक। समसे कटते देखकर लगा कि मानो समोसों का कत्लेआम हो रहा हो।
लोग सड़क तक पर खड़े थे समोसे के इंतज़ार में। इतनी भीड़ के बावजूद एक आदमी बोला -"आज भीड़ कुछ कम है।"
एक दफ़्तर के लोग समोसे का बिल माँग रहे थे। वह बोला हमारे पास कोई बिल की रसीद नहीं है। उसने कहा -"कागज पर लिख दो, हमको दफ़्तर से पैसे लेने हैं। मीटिंग के लिए हैं समोसे।" समोसे वाले ने बोला -"हमारे पास कोई कागज नहीं है। हम छोटी दुकान वाले हैं। हमारे पास बिल की सुविधा नहीं है।" बाद में उसने एक लिफ़ाफ़े पर लिखकर देने की पेशकश की। दफ़्तर वाले असमंजस में। 450 रुपए के समोसे। मतलब 90 समोसे बिल के इंतजार में ठंडे हो रहे थे।
हम अपने समोसे लेकर चले आए। गर्मागर्म समोसे वाक़ई बहुत स्वादिष्ट थे। मजा आ गया खाकर। आप भी आइए कभी सेक्टर 50 तो आपको भी खिलाते हैं पोरवल जी के स्पेशल नैनो समोसे। लेकिन दोपहर दो बजे के बाद ही मिलते हैं समोसे।
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