Surendra Mohan Sharma जी को विदा हुए क़रीब पाँच साल होने को आए। लेकिन लगता है कि वे यहीं कहीं हमारे बीच हैं। अभी उनका फ़ोन आयेगा और कोई मजेदार चुटकी छोड़ेंगे। किसी पोस्ट पर किसी से मौज लेते हुए उनकी कोई टिप्पणी आयेगी।
कभी मुलाक़ात नहीं हुई सुरेंद्र मोहन शर्मा जी लेकिन उनसे जुड़ी यादें ऐसा एहसास दिलाती हैं कि न जाने कितने दिन साथ रहे। हमको लगता था कि वे हमको बहुत प्यार करते हैं लेकिन उनके जाने के बाद पता चला कि अपने से जुड़े तमाम लोगों को ऐसा ही एहसास दिलाते थे। लोगों के लिए उनके मन अथाह प्यार था।
कल Shambhunath Shukla जी के साथ शर्मा जी की बिटिया हिमानी के घर सुषमा शर्मा भाभी जी से मिलने गए। भाभी जी, बिटिया-दामाद-नातिन से मुलाकात हुई। शर्मा जी की छोटी बहन Anuradha Gaur भी आ गईं थीं। दो ढाई घंटे शर्मा जी की ही बातचीत होती रही। शर्मा जी की यादों में ही डूबते-उतराते रहे हम लोग। शर्मा जी से जुड़ी तमाम यादें साझा की भाभी जी ने और उनकी छोटी बहन अनुराधा जी ने। उनकी बड़ी बहन नलिनी तिवारी Nalini Tiwari जी भी अनुपस्थित रहते हुए भी बातचीत में शामिल रहीं।
शर्मा जी अपने साथ जुड़े हर व्यक्ति को एहसास दिलाते रहते थे कि वो उनके लिए बहुत ख़ास है। मौज-मजे लेते और प्यार करते हुए लोगों की तारीफ़ करना, हौसला बढ़ाना और उसकी ताक़त का एहसास दिलाना उनके सहज स्वभाव में था। सुषमा भाभी जी ने कई किस्से बताये कि किस तरह शर्मा जी ने अपने कई मित्रों को बातचीत करते हुए अवसाद से उबारा। बहन अनुराधा गौर जी ने बताया कि किस तरह माँ के न रहने पर उनके अभिभावक की भूमिका निभाते रहे शर्मा जी।
सुबह जब शर्मा जी के बारे में लिखना शुरू किया था आँसू आ गए थे। अभी भी रोना आ रहा यह याद करके कि वे हमारे बीच नहीं हैं। शर्मा जी जल्दी चले गए। अभी उनको और जीना था। जिंदादिली से लबरेज शर्मा जी इतनी जल्दी साथ छोड़ जाएँगे , इसका एहसास नहीं था। लगता था मिलेंगे आराम से। लेकिन अब उनकी यादें ही हैं।
सुरेंद्र मोहन शर्मा जी जैसे इंसान ही दुनिया को खूबसूरत बनाते हैं। साथ रहते हुए हम लोग उनका महत्व समझ नहीं पाते। उनके जाने पर पता उनके महत्व का एहसास होता है। कल शर्मा जी के बारे में बात करते हुए बार-बार यह लगता रहा कि आज वह सब कुछ है जो शर्मा जी चाहते थे लेकिन उसका आंनद लेने के लिए और उस पर मजे लेने के लिए शर्मा जी नहीं हैं।
शर्मा जी बहुत विद्वान, मिलनसार और सबको प्यार करने वाले इंसान थे। वे बहुत जल्दी चले गए। कहीं भी चले जायें लेकिन वे यादों में तो हमेशा रहेंगे।
शर्मा जी के न रहने पर उनके बारे में लिखी पोस्ट : https://www.facebook.com/share/p/1B3puJFX45/
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