Some men are born mediocre, some men achieve mediocrity and some men have mediocrity thrust upon them. With Major Major is has been all three. Even among men lacking all distinction he inevitably stood out as a man lacking more distinction than all the rest, and people who met him were always impressed by how unimpressive he was.
(कुछ लोग पैदाइशी औसत दर्जे के (Mediocre) होते हैं, कुछ इसे अर्जित करते हैं और कुछ लोगों पर इसे थोप दिया जाता है। मेजर में ये तीनों गुण थे। यहाँ तक कि जिन लोगों में कोई गुण नहीं होता उनके बीच भी वह और भी गुणविहीन लगता। जो लोग उससे मिलते वो उसकी इस बात से प्रभावित होते कि वह कितना प्रभावहीन था।)
यह अंश अमेरिकी लेखक जोसेफ हेलर के व्यंग्यपूर्ण युद्ध उपन्यास कैच-22 का है। यह उनका पहला उपन्यास था। उन्होंने इसे 1953 में लिखना शुरू किया; उपन्यास पहली बार 1961 में प्रकाशित हुआ था।
पिछली सदी के सबसे प्रसिद्ध व्यंग्य उपन्यासों में से एक इस उपन्यास को पढ़ना शुरू किया बार-बार शब्द कोश देखना पढ़ता। इसके हाल के रूप में इसका किंडल संस्करण मंगाया और पढ़ना शुरू किया। जिस शब्द के मायने पता नहीं होते उसके ऊपर उँगली रख देने पर डिक्शनरी से अर्थ पता चल जाता।
उपन्यास को पढ़ते हुए लगा कि हमारी पैदाइश के पहले लिखे इस उपन्यास को अभी तक क्यों नहीं पढ़ पाया।
यह भी सोच रहा था कि किया इसका कोई हिंदी अनुवाद उपलब्ध है? अनुवाद की बात सोचते हुए लगा कि किसी रचना का भावानुवाद कितना कठिन काम है। जैसे यहाँ Mediocre का हिंदी शब्दार्थ औसत है। लेकिन औसत में वह अर्थ नहीं आता लगता जो Mediocre में है। इसकी जगह सूझा 'घामड़'। लेकिन 'घामड़' में मूर्खता प्रमुख होती है जबकि Mediocre में मूर्खता के अलावा भी तमाम औसतपन होते हैं। एक मीडियाकर हर तरह से मीडियाकर होता है।
एक बार मन किया कि इसका उपन्यास का हिंदी अनुवाद किया जाए लेकिन यह सोचकर कि एक वाक्य (जिसको ठीक-ठीक समझ गए हैं) का भावानुवाद करने में ही इतना लफड़ा है तो उन हिस्सों का अनुवाद करने में क्या हाल होंगे जिनका सही अर्थ सभी शब्दों के अर्थ जानने के बावजूद नहीं पकड़ पाए।
क्या आपने कैच-22 उपन्यास पढ़ा है? आपकी क्या राय है इस उपन्यास के बारे में?
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