शिलांग (मेघालय) के लोगों के ट्रैफ़िक सेंस की अकसर तारीफ़ सुनी थी। शिलांग प्रवास के दौरान इसका अनुभव हुआ। सड़क के दोनों तरफ़ चौपहिया वाहन और बीच में दुपहिया वाहन। चौपहिया वाहन लाइन से आगे वाली गाड़ी के आगे के बढ़ने का इंतज़ार करते दिखे। ये नहीं कि बायीं तरफ़ की गाड़ी सड़क ख़ाली देखकर दायीं तरफ़ से निकल जाये।
दुपहिया वाहन की कोई सवारी बिना हेलमेट के नहीं दिखी। ट्रैफ़िक के बीच एंबुलेंस आने के दौरान बीच से निकल गई। सभी गाड़ियों ने उसे निकलने का रास्ता दिया। दुपहिए भी किनारे हो गए।
सैलानी प्रधान शहर होने के कारण जाम न लगने के लिए यह व्यवस्था शिलांग की जरूरत है। आवश्यकता व्यवस्था की जननी है।

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